अमर उजाला ब्यूरो
कैराना (शामली)। दस साल पहले पति की मौत के बाद महिला और उसकी बेटी को सहारा देने वाला व्यक्ति ही अब हैवानियत पर उतर आया है। आरोप है कि सौतेली बेटी पर बुरी नजर रखता है। शुक्रवार को महिला ने थाने पहुंचकर पति की प्रताड़ना सुनाई तो पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
शुक्रवार को महिला ने कोतवाली पहुंचकर बताया कि उसको अपने माता पिता के बारे में नहीं पता। जब उसे होश आया तो खुद को कर्नाटक राज्य के एक अनाथालय में पाया। अनाथालय में ही उसका बचपन बीता। बड़ी हुई तो 14 साल पहले दिल्ली निवासी युवक से उसकी शादी हो गई। जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया था। परिवार हंसी खुशी से रह रहा था, लेकिन उपर वाले को यह मंजूर नहीं था तथा 11 साल पहले बीमारी के चलते उसके पति की मौत हो गई। कमाने वाला कोई नहीं रहा। पति की मौत के वो और उसकी बेटी सड़क पर आ गई। रहने ,खाने को कुछ नहीं रहा। वो परेशान होकर हरिद्वार अनाथ आश्रम में पहुंच गई। दस साल पहले कैराना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने उससे शादी करके दोनों मां-बेटी को सहारा दिया। इसके बाद वह कैराना क्षेत्र के एक गांव में रहने लगे। उसको चार बेटे हुए लेकिन तीन बीमारी से मर गए। केवल एक बेटा आठ साल का है। आरोप है कि उसके पहले पति की बेटी 12 साल की हुई तो पति हर रोज उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। वो विरोध करती तो मारपीट करता। धमकी देता कि या तो बेटी से संबंध बनाने दो वरना दोनों को मार दूंगा। घर से निकालने की भी धमकी देने लगा। पति की प्रताड़ता से उसका सब्र का बांध टूटा तो वह पुलिस की शरण में आ गई। महिला की व्यथा सुनकर पुलिस ने आरोपी को दबिश देकर हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ कर रही है।
80 हजार में बेची गई थी महिला
महिला ने कोतवाली में रोते हुए बताया कि हरिद्वार अनाथ आश्रम में कैराना क्षेत्र के युवक ने किसी को 80 हजार रुपये दिए थे। जिसका पता बाद में चला। पति बात-बात में इसके ताने देने लगा। महिला का कहना है कि उसने अपनी किस्मत समझ कर समझौता कर लिया। लेकिन अब वह अपनी बेटी को दलदल में फंसने नही देना चाहती।
मामला संज्ञान में है। महिला की शिकायत पर उसके पति को हिरासत में लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - राजेंद्र कुमार नागर, कोतवाली प्रभारी।