राजेंद्र हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही उजागर
झिंझाना पुलिस ने मृतक आश्रितों को दिए 20 हजार रुपये, नेताओं ने मृतक के परिजनों को दी संवेदना
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। ऊन क्षेत्र के हथछोया कस्बे में सोमवार को हुए राजेंद्र हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अब पुलिस पीड़ित परिवार के जख्मों पर आर्थिक मदद का मरहम लगाने की कोशिश कर रही है। झिंझाना पुलिस ने 20 हजार की आर्थिक मदद परिवार को दी। प्रशासन भी सरकार से मुआवजे की कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटा है।
इस हत्याकांड में नया मोड़ घटना से अगले दिन वायरल हुई वीडियो के बाद आया। इस वीडियो में दिखाया गया था कि यूपी 100 पुलिस की गाड़ी में राजेंद्र की पिटाई हुई। पुलिस के सामने ही एक युवक ने उसे पीटा। खींचातानी हुई और वो जीप से नीचे गिर गया। पुलिस के अनुसार इस घटना के काफी देर बाद राजेंद्र की मौत की सूचना मिली। राजेंद्र के जीप से गिरने के बाद उसके साथ क्या हुआ? ये सब पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगा, लेकिन इस प्रकरण में यूपी 100 पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। हालांकि एसपी ने भी दो पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है । अब पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार के जख्मों पर मुआवजे का मरहम लगाने का प्रयास कर रहा है।
झिंझाना पुलिस ने दी 20 हजार की मदद
ऊन। बृहस्पतिवार को झिंझाना इंस्पेक्टर ने राजेंद्र के परिजनों को थाना पुलिस की ओर से 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। उन्हें भरोसा दिया कि पुलिस जल्द बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लेगी। उधर, ऊन तहसील प्रशासन की ओर से भी पीड़ित परिजनों को आर्थिक मदद के लिए कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। चूंकि भाजपा नेता पीड़ित परिवार के साथ लगे हैं। लिहाजा पुलिस इस केस में पीड़ितों को संतुष्ट करने की हर संभव कोशिश कर रही है।
ये हैं सुलगते सवाल
यूपी डायल 100 में राजेंद्र को गाड़ी में बैठाने के बाद तुरंत थाने क्यों नहीं ले गई पुलिस ?
मौके पर भीड़ जमा हो गई थी तो पुलिसकर्मियों ने और फोर्स क्यों नहीं बुलाई ?
पुलिस ने राजेंद्र को पीट रहे युवक को सख्ती से क्यों नहीं रोका ?
शरीर पर घसीटने के निशान भी मिले
शामली। एसपी अजय कुमार के अनुसार राजेंद्र के शरीर पर आठ चोटों के निशान हैं, जिनमें से सात निशान रगड़ खाने जैसे हैं। एक निशान सिर के पीछे कट नुमा है। जैसे कोई नुकीली चीज उसे लगी हो। सिर के पीछे कट के निशान से ये आशंका बन सकती है कि उसे घसीटते वक्त ही कोई नुुकीली चीज उसके सिर में लगी या मारी गई हो। एसपी ने बताया कि एफआईआर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पड़ताल में सामने आ रहे तमाम तथ्यों के आधार पर जांच चल रही है।
आवाज से महिला की पहचान का प्रयास
शामली। एसपी के अनुसार इस प्रकरण से संबंधित जो वीडियो वायरल हुई थी उसमें एक महिला राजेंद्र पर 151 में कार्रवाई करने की बात चिल्ला चिल्ला कर कह रही थी। वीडियो की आवाज के आधार पर उसकी पहचान कराई जा रही है। ये भी संज्ञान में आया है कि ये वीडियो भी एक महिला ने बनाई है, जिसकी पुष्टि कराई जा रही है। इसके लिए पुुलिस टीमें वहां लगी हैं।
एएसपी ने शुरू की विभागीय जांच
प्रथम दृष्टया यूपी 100 पुलिस कर्मियों ने लापरवाही दिखाई है। जब मौके पर इतनी भीड़ जमा थी तो यूपी 100 गाड़ी पर तैनात पुलिस कर्मियों को तुुरंत सूचना देकर ओर फोर्स बुलाना चाहिए था। उन्होंने लापरवाही दिखाई है। गाड़ी चालक सहित दो सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी गई है। एएसपी ने जांच शुरू कर दी है। पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में यदि दोषी मिलते हैं तो बर्खास्तगी तक की कार्रवाई भी संभव है।
पीड़ित परिवार का साथ दूंगी :मृगांका
ऊन। बृहस्पतिवार को भाजपा नेत्री मृंगाका सिंह ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में वे परिवार के साथ हैं और वे परिवार की हर संभव मदद करेंगी। पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंची भाजपा नेत्री मृगांका सिंह उनके साथ भाजपा जिला महामंत्री अभय तोमर, भंवर सिंह, सतपाल, जयपाल कश्यप, तेजपाल गुर्जर, राम पाल खेड़ी खुशनाम, मांगेराम शर्मा, सतपाल सिंह, मदन पाल शर्मा, यशपाल, सोमपाल आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे। इस घटना के बाद कुछ लोग गुस्से में भी हैं।
पुलिस और एलआईयू का रहा पहरा
ऊन। राजेंद्र के हत्यारोपी दूसरे समुदाय के होने की वजह से एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। एलआईयू भी वहां सक्रिय है। वहां के माहौल और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
देर रात तक टीम की दबिश
ऊन। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस टीमें देर रात को भी दबिश दे रही थी। एसपी ने बताया कि एक आरोपी के बारे में जानकारी मिलने पर टीमें गई है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्त में होंगे। अभी छह में से तीन आरोपी ही गिरफ्तार हुए हैं।