राजू एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
शामली। मुठभेड़ में ढेर हुए 12 के हजारी इनामी बदमाश राजू के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। जांच एसडीएम ऊन को सौंपी गयी है, जिसमें बयान दर्ज कराने के लिए 28 सितंबर तक का समय दिया गया है।
झिंझाना के मोहल्ला सैदमीर में एक व्यापारी यहां डकैती डालने के इरादे से पहुंचे बदमाशों की 11 सितंबर की रात्रि झिंझाना पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी। मुठभेड़ में झिंझाना पुलिस ने 12 हजार के इनामी बदमाश राजू पुत्र राजेंद्र निवासी लोनी का मार गिराया था। बदमाश के खिलाफ गढ़ीपुख्ता, बाबरी, कैराना, कांधला सहित कई जगह 16 मुकदमे दर्ज थे। इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच प्रारंभ हो गई है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह के आदेश पर एसडीएम ऊन विजय प्रकाश तिवारी को जांच सौंपी गई है। इसमें बयान दर्ज कराने के लिए 28 सितंबर तक का समय दिया गया है।
सात साल पूर्व चोरी गेट दूसरे के मकान में लगा मिला
कैराना। गांव मवी काकौर निवासी रियाजुदीन ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसने सात साल पहले अपनी पत्नी मोहसिना के नाम से एक प्लाट गुलशन नगर में खरीदा था। उक्त प्लाट पर मकान बनाने के लिए लाया गया लोहे का गेट चोरी हो गया था। सात साल बाद उसने वह चोरी हुआ गेट कैराना में एक मकान में लगा हुआ देखा। जब उसने मकान मालिक से गेट के बारे में पूछा, तो आरोपी झगड़े पर उतारू हो गया। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी।