एक साल पूर्व यमुना में डूबकर हुई छात्र की मौत के मामले में रुड़की इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट कॉलेज का प्रबंधन फंस गया। मृतक छात्र के पिता ने कॉलेज प्रबंधन तथा तत्कालीन यमुना पुल चौकी इंचार्ज समेत 11 के खिलाफ के कोर्ट के आदेश पर रिपार्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शंभू शर्मा, निवासी गांव मजिगांव थाना भतनाथ जिला गढ़वा झारखंड ने मुजफ्फरनगर सीजेएम कोर्ट के माध्यम से कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया कि उसने 28 जुलाई 2016 में बेटे प्रिंस का रेमटेक कॉलेज में एडमिशन कराया था। 13 सितंबर की रात करीब 9.45 बजे उसकी पत्नी ने अपने बेटे प्रिंस के मोबाइल पर कॉल की, तो कॉलेज के प्रबंधक ने कॉल रिसीव करके बताया कि उनके बेटे की मौत हो गई, जिसके बाद उसकी पत्नी बेहोश हो गई। आरोप लगाया कि उसके बेटे की मौत दिन में दो बजे होने के बाद भी उन्हें रात्रि 10 बजे तक सूचना नहीं दी गई। कॉलेज प्रबंधक ने व्हाट्सएप पर मृतक बेटे का फोटो नहीं भेजा। अगले दिन उसका भतीजा शिव गोविंद शर्मा व दामाद धन्दन कुमार दिल्ली आए। जहां से कालेज के प्रबंधक व डायरेक्टर उन्हें अपनी गाड़ी से कैराना लाए। कैराना में उन्हें पहले प्रिंस के शव के पास नहीं ले जाकर यमुना नदी पर ले गए। बाद में उन्होंने जब प्रिंस का शव देखा, तो उसकी गर्दन से खून बह रहा था तथा पेट पर भी चोट के निशान थे। उन्होंने जब शव का पीएम कराने को कहा, तो यमुना पुल चौकी इंचार्ज ने शव का पीएम नहीं कराने दिया। आरोप है कि उसके भतीजे व दामाद को डरा धमका कर पीएम नहीं कराने की बात लिखवा ली। बाद में उसने कई अधिकारियों को मामले में जांच करने के लिए शिकायती पत्र दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले में अदालत के आदेश पर रेमटेक के प्रबंधक सुभाष जैन, निदेशक महेंद्र राणा, डीन अशोक कुमार, डायरेक्टर एचएन दत्ता, सुजीत कुमार, अमित साहू, अनुराग भारती, वैधराथ कुमार, जानसन, मकसूद आलम व तत्कालीन चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके विवेचना शुरू कर दी।