शामली। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान जिला प्रशासन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने की आशंका जताई गई है। सहारनपुर मंडल आयुक्त ने विधायक, सभासद, ग्राम पंचायत सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के पैड पर लिखवाकर बिना किसी जांच के आवास प्रमाण पत्र जारी किए जाने की संभावना को गंभीर मानते हुए इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
आयुक्त के द्वारा भेजे गए पत्र के बाद जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सत्येंद्र सिंह ने शामली, कैराना और ऊन के तीनों एसडीएम को इन मामलों की गहन जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम का कहना है कि जांच के बाद ही फर्जीवाड़े का पता लग सकेगा। अभी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जानिए...कैसे सामने आया मामला
एडीएम सत्येंद्र सिंह द्वारा तीनों एसडीएम को भेजे पत्र में कहा गया है कि एक जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। आयुक्त द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, इस दौरान सूचना मिली है कि कुछ लोगों ने जनप्रतिनिधियों के पैड का इस्तेमाल करते हुए बिना पड़ताल के आवास प्रमाण पत्र बनवा लिए हैं। ऐसे प्रमाण पत्र चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता को प्रभावित करते हैं, इसलिए एडीएम ने अब तक जारी सभी आवास प्रमाण पत्रों की गहन जांच, संदिग्ध प्रमाण पत्रों को तत्काल निरस्त करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आखिर कौन कर रहा है पैड का गलत इस्तेमाल?
शामली। जिला प्रशासन अब इस बात की जांच में जुट गया है कि जनप्रतिनिधियों के पैड का दुरुपयोग कौन कर रहा है। क्या जिले में किसी संगठित गिरोह द्वारा यह काम किया जा रहा है। यदि हां, तो इसमेें कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसडीएमों की रिपोर्ट के बाद पूरी तस्वीर साफ होगी।
बीएलओ और कर्मचारियों को दिए सख्त निर्देश
एडीएम ने साफ कहा है कि आवास प्रमाण पत्र जारी करने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीएलओ और संबंधित कर्मचारियों से भी कहा गया है कि वह एसआईआर सर्वे में पूरी सतर्कता बरतें। जिसके पास गणना प्रपत्र नहीं पहुंचा, वह घबराए नहीं
अधिकारियों ने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम 2025 की वोटर लिस्ट में दर्ज है, उन्हीं के घर एसआईआर के गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। यदि किसी को प्रपत्र नहीं मिला है तो संभव है कि उनका नाम 2025 की लिस्ट में न हो। ऐसे लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
क्या है एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण
यह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान है, इसके तहत मृतक मतदाताओं के नाम हटाना, 18 वर्ष से अधिक युवा मतदाताओं के नाम जोड़ना, प्रवास कर चुके मतदाताओं की जानकारी अपडेट करना और वर्ष 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट से शादीशुदा बेटियों व बहुओं का वेरीफिकेशन जैसे कार्य किए जा रहे हैं।