शामली। बिजनौर में पटाखे बनाते समय हुए धमाके जैसी घटनाएं शामली में भी हो चुकी हैं। कांधला, थानाभवन और गढ़ीपुख्ता में आतिशबाजी बनाई जाती है। कुछ स्थानों पर लोग चोरी छिपे मजदूरी पर भी पटाखे बनवाते हैं। इस काम में महिलाएं और बच्चे भी लगे रहते हैं। जरा सी लापरवाही हादसे का सबब बन जाती है।
जिले में आतिशबाजी के लगभग 31 लाइसेंस हैं। कांधला, थानाभवन, गढ़ीपुख्ता समेत जिला मुख्यालय पर भी कई स्थानों पर आतिशबाजी बनाई और बेची जाती है। कुछ लोग मजदूरी पर भी आतिशबाजी बनवाते हैं। वह मजदूरी पर काम करने वालों बारूद आदि सामान दे देते हैं और बने पटाखे उनसे लेते हैं। इस काम में महिलाएं और बच्चे भी जुटे रहते हैं। घरों पर यदि कोई हादसा हो जाए तो वहां बचाव के उपाय भी नहीं होते हैं। जिले में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं लेकिन इनसे कोई सबक नहीं लिया गया।
जिले में आतिशबाजी बनाने और बिक्री के लाइसेंस
शामली : 02
गढ़ीपुख्ता : 04
थानाभवन : 18
मोर माजरा : 01
टपराना : 01
कांधला : 04
पंजीठ : 01
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जिले में होते रहे हैं हादसे...
- 31 जनवरी 2020 : कांधला में शामली रोड स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से पांच लोगों की मौत हो गई थी।
- 24 अगस्त 2006 : कांधला के मोहल्ला रायजादगान में पटाखे बनाते समय हुए धमाके में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
वर्ष 2018 : थानाभवन में कूड़े के ढेर में विस्फोट होने के कारण एक व्यक्ति झुलस गया था।
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कोट...
जिन स्थानों पर पटाखे बनाने का लाइसेंस है वहां पानी, बालू व आग बुझ़ाने के लिए अन्य संसाधनों की व्यवस्था कराई गई है। नियमित रूप से इनकी चेकिंग की जा रही है। - दीपक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।