शामली। बारिश रुकने के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। ऐसे में जिले में बनी अस्थायी गोशालाओं में गोवंश बेहाल है। टीन शेड और तिरपाल के नीचे रह रहे गोवंश ठंड से ठिठुर रहे हैं। गोवंशों को काऊ कोट तो दूर की बात, इनके ऊपर ठीक से तिरपाल तक नहीं है।
कीचड़ और गंदगी का आलम है और जिम्मेदार बेखबर है। रविवार को जिले की गोशालाओं को देखा तो वहां गोवंशों की हालत दयनीय बनी हुई थी।
n गांव झाल रोड स्थित गोशाला : मेरठ रोड पर गांव झाल के रास्ते पर बनी गोशाला में न तो सर्दी से बचाव के लिए तिरपाल की उचित व्यवस्था थी और न ही किसी भी पशु का काऊ कोट पहनाया गया था, काफी पशु बाहर ठंड में गीली जमीन पर बैठे हुए थे। गोशाला में साफ-सफाई भी नहीं थी।
n कुड़ाना रोड स्थित गोशाला : यह गोशाला खेतों के बीच बनी है। गोशाला में करीब 55 गोवंश टीन शेड में बंधे हुए थे। यहां भी ठंडी हवाओं की रोकथाम के कोई इंतजाम नहीं थे। किसी भी पशु को काऊ कोट नहीं पहनाया गया था। गोवंशों के सामने केवल सूखा भूसा डाला गया था।
n ऊन गोशाला : कस्बे की गोशाला में करीब 155 गोवंश हैं। टीनशेड के अलावा यहां गोवंशों को ठंड से बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। काफी पशु बाहर मैदान में ठिठुर रहे थे।
n कैराना गोशाला : गोशाला में करीब 70 गोवंश है। यहां भी गोवंशों को सर्दी से बचाव के लिए काऊ कोट नहीं पहनाया गया था। ठंड में पशु ठिठुर रहे थे।