शामली। शहर की नगर पालिका के चेयरमैन और सभासदों के बीच रार का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। चेयरमैन और सभसदों द्वारा दर्ज कराई गई एनसीआर के मामले में दोनों पक्षों ने न्यायालय की शरण ली है। सभासद को आगामी 18 अक्तूबर जबकि चेयरमैन को 28 नवंबर को कोर्ट में पेशी के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को विवेचना करने को कहा है।
बीती 13 अक्तूबर को शामली नगर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने सभासद अजीत निर्वाल, अनिल, राजीव गोयल समेत चार सभासद व दो सभासदों के पति पर गुड्डन जैसा हश्र करने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में एनसीआर दर्ज कराई थी। सभी से जान माल की सुरक्षा की भी गुहार लगाई थी। चेयरमैन ने बताया कि मामले की विवेचना के लिए कोर्ट में गुहार लगाई थी। कोर्ट ने बुधवार को दर्ज एनसीआर की विवेचना के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए।
चेयरमैन को इस मामले में 28 नवंबर को कोर्ट में पेश होना होगा। वहीं वार्ड 16 दयानंद नगर के सभासद अनिल कुमार उपाध्याय ने कोतवाली में एनसीआर दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उस समेत पांच सभासद वर्तमान समय में नगर पालिका शामली के भाजपा सभासद हैं। सभी द्वारा नगर पालिका परिषद में हो रहे घोटालों को लेकर समय-समय पर अधिकारियों को शिकायत की जाती है। इससे क्षुब्ध होकर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल झूठी शिकायतों के माध्यम से दबाव बनाते हैं और धमकी देते हैं। चेयरमैन से जान माल का खतरा जताते हुए एनसीआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में सभासद अनिल ने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने पुलिस को एनसीआर की विवेचना के आदेश दिए। साथ ही 18 अक्तूबर को पेश होने को कहा है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है।