शामली। माता-पिता की सेवा और देखभाल करना उनके लिए जरूरी है। इसे अनदेखी नहीं किया जा सकता। हालांकि इस समय पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसी परिस्थिति में सबसे ज्यादा जरूरत कोरोना से पीड़ितों की मदद करना है। उनके लिए पहले राष्ट्रहित, बाद में परिवार है। यह कहना है सीएचसी के आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज डॉ. विजेंद्र कुमार का। कोरोना की जंग में माता-पिता भी उनका हौसला बढ़ाते हैं।
सीएचसी शामली में मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि मेरठ में घर पर परिवार में माता-पिता और बहन है। ड्यूटी के साथ घर परिवार की भी उन पर जिम्मेदारी है। उनकी देखभाल और सेवा का मौका मिलता था, लेकिन 14 मार्च को दुबई से लौटी महिला को कोरोना के संदिग्ध लक्षण मिलने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। उसी दौरान सीएमओ ने उन्हें आइसोलेशन वार्ड का इंचार्ज और क्वारंटीन वार्ड का ऑनकाल डॉ. की जिम्मेदारी सौंप दी, तब से वे घर नहीं गए। अब माता-पिता से फोन पर ही बातचीत होती है। माता-पिता भी कहते हैं कि देश पर आए संकट की इस घड़ी में पीड़ितों की हर संभव मदद करो। डॉ. विजेंद्र ने कहा कि वे अपने एक माह के वेतन से मास्क और सैनिटाइजर का लोगों को वितरण करेंगे, ताकि कोरोना संकट से लोगों को बचाने में वे भी कुछ योगदान दे सकें।