शामली। कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक होती जा रही है। पिछले साल 93 दिनों में 100 व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुए थे। अब अप्रैल के पहले आठ दिन में ही 132 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके बावजूद लोगों की लापरवाही कम नहीं हो रही है। बाजारों में भीड़ कम नहीं हो रही है। न लोग फेस मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है।
पिछले साल 24 मार्च को जिले में कोरोना का पहला केस मिला था। यह केस सहारनपुर मंडल का पहला केस था। इसके बाद लॉकडाउन में 31 मई तक 37 कोरोना के केस मिले। अनलॉक के पहले महीने जून में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा और 93 दिन में यानि 25 जून तक 100 व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुए। उस समय पुलिस-प्रशासन की सख्ती और लोगों ने सावधानी बरती थी। इस साल मार्च के महीने में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई। मार्च में पहले चार-पांच केस से शुरू होकर इस महीने अंत तक रोजाना 10 से 15 केस रोजाना आने शुरू हुए। अप्रैल माह में तो कोरोना संक्रमितों की संख्या एक दिन में 31 तक पहुंच गई। इस महीने के पहले आठ दिन में ही 132 व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इस तरह से देखा जाए तो पिछले साल की तुलना में कोरोना की दूसरी लहर कहीं ज्यादा खतरनाक है। ऐसे दौर में लोगों को संभलने और सावधानी बरतने की जरूरत है।
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टीका लगने के बाद भी सावधानी जरूरी
शामली। बड़ा बाजार मुरारी वाला कुआं निवासी डॉ. विपिन कौशिक ने बताया कि उनकी पत्नी कमलेश को कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी डोज एक अप्रैल को लगी थी। इसके बाद चार अप्रैल को हल्का बुखार आया और अगले दिन शरीर में दर्द महसूस होने पर सीएचसी शामली में कोविड-19 की जांच के लिए सैंपल दिया। शुक्रवार को आई आरटी-पीसीआर जांच में कविता कोरोना संक्रमित पाई गई। डॉ. विपिन कौशिक का कहना है कि वैक्सीनेशन के बाद भी सावधानी बरतने की जरूरत है। टीका लगने का मतलब यह नहीं है कि संक्रमण नहीं हो सकता। टीका शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और कोरोना के भयानक रूप से बचा जा सकता है। कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों को चाहिए की वह घर से बाहर बहुत जरूरी होने पर फेस मास्क लगाकर निकले। सोशल डिस्टेंस का पालन करें और कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करें।
शामली 11 बजे रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने पर यात्रियो की भीड- फोटो : SHAMLI