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तंबाकू कारोबार पर पड़ी कोरोना की मार

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शामली में सुनसान पडा बड़ा बाजार । - फोटो : SHAMLI
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शामली। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन को दो माह का समय हो गया। लॉकडाउन के कारण वैसे तो अधिकतर कारोबार ही बाधित हुए हैं। इसके साथ ही तंबाकू कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दो माह से तंबाकू कारोबार से जुड़ी दुकानें बंद हैं। तंबाकू का कारोबार करने वालों के सामने संकट खड़ा हो गया।
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होली के बाद गर्मी के तीन महीने तंबाकू की बिक्री ज्यादा होती थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद हैं। इन दिनों में तंबाकू की नई फसल आने के कारण व्यापारी भी माल का स्टॉक कर लेते थे, लेकिन इस बार पहले से ही स्टॉक बचा हुआ है। वह भी नहीं बिक सका। व्यापारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर पहले से ही प्रतिबंध लगा है, उससे तंबाकू की बिक्री पर फर्क पड़ा है। जब से लॉकडाउन हुआ है तब से तो कारोबार की हालत ही खराब हो गई है। लॉकडाउन से पहले का करीब 40 से 50 टन माल का स्टॉक गोदामों और दुकानों में बचा हुआ है। अगर यही हालत रही तो उन्हें तंबाकू कारोबार को छोड़कर इसके वैकल्पिक कारोबार के बारे में सोचना पड़ेगा।
हुक्के का चलन कम होना वजह
तंबाकू कारोबारियों का कहना है कि पहले गांव देहात में चौपालों से लेकर घरों में हुक्का चलता था। दिन प्रतिदिन दिन हुक्के का चलन कम होता जा रहा है। इस वजह से तंबाकू की बिक्री घटती जा रही है। तंबाकू की मांग कम होने से दुकानों की संख्या भी कम हो रही है। शामली में थोक की दो बड़ी दुकानें रह गई, जबकि रिटेल की दुकानों भी पूरे जनपद में मुश्किल से 15 से 20 दुकानें हैं।
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गुजरात और बिहार से आता है तंबाकू
जनपद में तंबाकू की खेती नहीं होती। इस कारण तंबाकू को बाहर से मंगाना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि गुजरात, बिहार और उप्र के फर्रुखाबाद जिले में तंबाकू की खेती होती है। इन स्थानों से ही तंबाकू मंगाया जाता है।
ये बोले व्यापारी
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर जब से प्रतिबंध लगा है तब से तंबाकू की बिक्री कम हो गई थी। अब लॉकडाउन में दो माह से दुकान बंद है। इन दिनों में नई फसल आने पर बाहर से तंबाकू मंगाते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण नया माल नहीं आ सका। पुराना स्टॉक बचा पड़ा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो लॉकडाउन में तंबाकू कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। - विजय जैन, थोक व्यापारी।
तंबाकू का कारोबार पहले ही दिन पर दिन सिमटता जा रहा है। हुक्के कम होते जा रहे है तो तंबाकू की मांग भी कम होती जा रही है। दुकानें भी कम होती जा रही है। लॉकडाउन में दो माह से दुकानें बंद होने से कारोबार ठप है। यही हाल रहा तो इस कारोबार से जुड़े लोगों को दूसरे कारोबार के बारे में सोचना पड़ेगा। - राजेश जैन, थोक व्यापारी।
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