शामली। कांवड़ यात्रा केवल आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का भी संदेश दे रही है। शामली में कांवड़ मार्ग और शिविरों में मुस्लिम चिकित्सक और व्यापारी शिवभक्तों की सेवा में जुटकर भाईचारे की मिसाल भी कायम कर रहे हैं।
सात दिन से शिवभक्तों की सेवा में जुटे दिलशाद और साजिद
कुड़ाना निवासी दिलशाद और बनत निवासी साजिद पेशे से व्यापारी हैं। दोनों पिछले सात दिनों से मुजफ्फरनगर रोड पर शिवभक्तों को केले, समोसे, कोल्ड ड्रिंक और अन्य खाद्य सामग्री वितरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और शिवभक्तों की सेवा कर जो आत्मिक संतोष मिलता है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
निशुल्क उपचार कर रहे डॉ. नदीम और डॉ. शबनम
झिंझाना निवासी डॉ. नदीम और थानाभवन निवासी डॉ. शबनम निजी अस्पताल में चिकित्सक हैं। दोनों पिछले सात वर्षों से कैराना रोड स्थित कांवड़ शिविर में शिवभक्तों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कर रहे हैं। सुबह और शाम शिविर में पहुंचकर श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं। उनका कहना है कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है और भविष्य में भी उनका यह सेवा जारी रहेगी।
हर सुबह सेवा के लिए निकल पड़ते हैं बिला उर्फ बिलाल
कांधला निवासी कपड़ा व्यापारी बिला रॉक उर्फ बिलाल प्रतिदिन अपनी कार में केले, पानी, बिस्कुट और अन्य खाद्य सामग्री रखकर कांवड़ मार्ग पर निकल पड़ते हैं। दो से तीन घंटे तक वह शिवभक्तों की सेवा करते हैं। उनका कहना है कि सभी धर्म प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं।
शामली नगर पालिका के चेयरमैन अरविंद संगल के अनुसार श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान सभी समाज के लोग मिलकर शिवभक्तों की सेवा कर रहे हैं। यही शामली की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है और यह पूरे समाज के लिए सकारात्मक संदेश है।
सौहार्द की मिसाल...कैराना रोड शिविर में शिवभक्तों का उपचार करते डॉ नदीम
सौहार्द की मिसाल...कैराना रोड शिविर में शिवभक्तों का उपचार करते डॉ नदीम