शामली। नगरपालिका परिषद शामली में संविदा महिला सफाई कर्मचारी कमलेश ने पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद सोलंकी पर गाली गलौज कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला कर्मचारी ने शहर कोतवाली में अधिशासी अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी। उधर, इस घटना को लेकर सफाई कर्मचारियों ने रोष व्यक्त किया।
सफाई कर्मचारियों की दोनों यूनियन ने अलग-अलग पत्र कोतवाली पुलिस को देकर अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। बाद में अधिकारियों से वार्ता के बाद कर्मचारियों ने कांवड़ यात्रा के चलते कार्य बहिष्कार को स्थगित कर दिया।
शहर के मोहल्ला पंसारियान निवासी महिला सफाई कर्मचारी कमलेश ने शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे रोज की तरह कांवड़ मार्ग फव्वारा चौक से विजय चौक पर पुत्र पंकज उर्फ भोला के साथ ड्यूटी कर रही थी। इसी दौरान पालिका के अधिशासी अधिकारी भ्रमण करते हुए वहां पहुंचे। आरोप है कि अधिशासी अधिकारी ने उसके व उसके पुत्र के साथ गाली गलौच करते हुए जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो गए।
इस मामले की जानकारी मिलने पर सफाई कर्मचारी पालिका में इकट्ठे हुए और रोष व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ शाखा नगरपालिका शामली और स्वायत्त कर्मचारी महासंघ यूनिट नगरपालिका शामली के पदाधिकारियों ने कोतवाली प्रभारी के नाम अलग-अलग पत्र देकर अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। साथ ही कार्य का बहिष्कार की चेतावनी दी।
इस मामले में पालिका कार्यालय में सफाई कर्मचारियों के साथ पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने वार्ता की। स्वायत्त कर्मचारी महासंघ यूनिट नगरपालिका शामली के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि अधिकारियों के आश्वासन और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर कार्य बहिष्कार स्थगित कर दिया गया है। सभी कर्मचारी पूर्व की तरह कांवड़ यात्रा में ड्यूटी पर रहकर कार्य करते रहेंगे।
उधर, अधिशासी अधिकारी विनोद सोलंकी का कहना है कि उन्होंने किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की और न ही जातिसूचक शब्द कहे, उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।