संवाद न्यूज एजेंसी
थानाभवन। करोड़ों की लागत से बनाई गई आईटीआई की बिल्डिंग वजूद में आने की राह देखते हुए वर्षों से वीरान हाल में खड़ी है। क्षेत्र के आईटीआई के छात्र कई किमी दूर शामली और नानौता जाने को मजबूर हैं।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद आईटीआई का निर्माण कार्य रुक गया। नौ साल बीतने के बाद भी बिल्डिंग लगभग पूरी बनने के बाद भी पैसे के अभाव में वीरान है। नगर से सटे गांव लतीफगढ़ में सपा सरकार में राजकीय आईटीआई के लिए एक बिल्डिंग बनाई गई थी। शासन ने 4.64 करोड़ की धनराशि में में से 2.95 करोड़ जारी किए थे। करीब दो करोड़ रुपये टूल्स एंड प्लांट के लिए जारी नहीं हुए। जिससे कार्य अधूरा पड़ा है। इस बिल्डिंग का निर्माण 2014 नवंबर में प्रारंभ हुआ था। जिसमें 4.64 करोड़ की लागत से बनाई जाने वाली बिल्डिंग का शिलान्यास तत्कालीन शहरी विकास मंत्री आजम खान ने किया था।
राजकीय आईटीआई की मुख्य बिल्डिंग का अधिकतर निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। जबकि कुछ कार्य अधर में लटका हुआ है। राजकीय आईटीआई थानाभवन क्षेत्र में बनाए जाने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं में हर्ष का माहौल था। लोग शिक्षा के क्षेत्र में इसे बड़ा कार्य मान रहे थे। लेकिन आईटीआई की बिल्डिंग का निर्माण अधर में लटकने से छात्राें को मायूसी हाथ लगी। इस बारे में बात करने पर पूर्व मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि पूर्व की सपा की सरकार की लापरवाही के चलते केंद्र सरकार का पैसा समय से जारी नही हो पाया था। अब दोबारा नया एस्टीमेट बनाया जा रहा है, जिसके बाद जल्द ही बिल्डिंग पर कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।