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Shamli News: शहर के बीच से गुजर रहे पानीपत-खटीमा हाईवे का शुरु नहीं हुआ निर्माण

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- बारिश से पहले भरे गड्ढे फिर से उखड़े, राहगीर परेशान
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- दो साल से औद्योगिक क्षेत्र और शामली शहर की सड़क खस्ताहाल
- उद्यमियों की मांग पर एनएचएआई ने जारी की थी, 4.58 करोड़ की धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर से गुजर रहे दस किमी लंबे पानीपत खटीमा हाईवे की मरम्मत पीडब्ल्यूडी शुरु नहीं करा पाया। पहले दो विभागों बीच उलझा इस मार्ग का निर्माण अब पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण अटका है। कुछ दिन पूर्व भरे गए गड्ढे भी बारिश में उखड़ गए। दो साल से खस्ता हाल सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
करीब दो वर्ष पूर्व पानीपत-खटीमा हाईवे का निर्माण एनएचएआई ने शुरु किया था। एनएचएआई शहर के बाहर हाईवे और बाईपास का निर्माण कराता रहा, लेकिन शहर से गुजर रही सड़क की सुध नहीं ली। सड़क में गहरे गड्ढे हुए तो व्यापारी और उद्यमियों समेत शहर के नागरिकों ने आंदोलन किए। तत्कालीन डीएम ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए तो उन्होंने मार्ग एनएचएआई का बताकर पल्ला झाड़ लिया था।
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एनएचएआई के अधिकारियों ने शहर के बाहर हाईवे और बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद मार्ग की मरम्मत कराने की बात कही थी। तत्कालीन डीएम के अनुरोध पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एमके जैन ने सड़क की एक लेयर निर्माण के लिए 4.58 करोड़ की धनराशि जारी कराई थी। सितंबर माह में यह धनराशि प्रशासन को मिल गई थी। जिसे जनवरी माह में पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया गया। मार्च माह में सड़क की मरम्मत कराने का दावा किया जा रहा था। ठेकेदार ने पिछले माह सड़क के गड्ढे भरवाए, लेकिन इसके बाद कार्य आगे नहीं बढ़ा।
जाने इन गड्ढों से कब मिलेगी मुक्ति
पानीपत-खटीमा हाईवे पर गड्ढों के चलते वाहन चलाना काफी मुश्किल काम हो गया है। बारिश में तो यह परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। पानी भरने से गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता।- अजय, राहगीर।
गड्ढों के कारण वाहन होते हैं क्षतिग्रस्त
सड़क में गड्ढे के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। वाहनों में भी गड्ढे के कारण नुकसान होता है। कई बार शहर के लोग इस मार्ग के निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन समस्या हल नहीं हुई।- शाहनवाज, राहगीर।
हादसे होने की रहती है संभावना
पानीपत-खटीमा हाईवे का शहर से बाहर तो निर्माण हो गया है, लेकिन शहर के अंदर हालत काफी खराब है। सड़क के गड्ढे केे कारण हादसे होने की आशंका रहती है। इसका निर्माण जल्द होना चाहिए।- नसीम, राहगीर।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संतगुप्त ऋषि का कहना है कि पिछले माह से रुक-रुक कर बारिश होने से सड़क निर्माण का कार्य शुरु नहीं हो पाया। मौसम साफ होने पर दस अप्रैल के बाद निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र से लेकर बनत पुल तक सड़क में 300 से ज्यादा गड्ढे
बनत कृष्णा नदी के पुल से कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में राॅयल पब्लिक स्कूल तक पानीपत-खटीमा हाईवे में 300 से ज्यादा गड्ढे है। जिनकी वजह से राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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गड्ढों के कारण छात्रा समेत दो की गई जान
पानीपत-खटीमा में हुए गड्ढों की वजह से छह माह में दो जान जा चुकी है। पिछले वर्ष 10 अक्तूबर को गड्ढे में ई-रिक्शा पलटने से 9वीं की छात्रा सुचि अग्रवाल की मौत हो गई थी। तब शहर के लोगों में गुस्सा था। तत्कालीन डीएम ने गड्ढे भरने के आदेश दिए थे। लेकिन खानापूर्ति कर दी गई। इसके अलावा पिछले माह ट्रक की सामने से पड़ रही लाइट में गड्ढा न दिखने से कैड़ी निवासी बाइक सवार नीरज और उसका ममेरा भाई सौरभ सड़क पर गिर गए थे। ट्रक से कुचलने से नीरज की मौत हो गई थी।
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