शामली। प्रस्तावित जिला मुख्यालय पर कलक्ट्रेट, विकास भवन, समेत सरकारी भवनों के निर्माण की निर्धारित समय सीमा समाप्त हो गई, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है। वहीं, धनराशि के अभाव में कलक्ट्रेट का निर्माण कार्य लटका हुआ है।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट, बधेव, गोहरनी और भैंसवाल आदि गांवों की 265 एकड़ भूमि में जिला मुख्यालय के लिए आरक्षित की गई थी। 14 जुलाई 2015 जिला मुख्यालय के सरकारी कार्यालयों के भवनों का शिलान्यास किया था। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन के लिए पहले 10.40 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति हुई थी। बाद में पुनरीक्षित लागत 29. 91 करोड़ निर्धारित किया गया। शासन की ओर से कार्य पूर्ण करने की तिथि नवंबर 2017 निर्धारित की। कलक्ट्रेट का निर्माण कार्य पूरा न होने पर नवंबर 2018 निर्धारित की। अभी तक उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम 50 प्रतिशत कार्य पूरा नहीं कर पाई है।
विकास भवन :
11 करोड़ 52 लाख 80 हजार रुपये लागत की मूल स्वीकृति निर्धारित की गई थी। प्रथम किश्त की धनराशि स्वीकृत होने उत्तरप्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने कार्य शुरू कर दिया था। धनराशि के अभाव में दूूसरी और तीसरी किश्त समय पर शासन से जारी न होने पर पुनरीक्षित लागत 15 करोड़ 54 लाख 67 हजार रुपये निर्धारित की गई है। विकास भवन निर्माण की तीन किश्त जारी हो चुकी है। अक्तूबर 2015 में विकास भवन का कार्य शुरू हो पाया। शासन की ओर से विकास भवन का कार्य पूरा करने के लिए मार्च 20018 का समय निर्धारित किया गया था। कार्य समाप्ति पूरा होने के तीन माह गुजर गए हैं। राजकीय निर्माण निगम द्वारा विकास भवन निर्माण का कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं।
गोहरनी रोड पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय
दो करोड़ 16 लाख 15 हजार की मूल स्वीकृति गत 28 सितंबर 2016 को हुई। एक करोड़ आठ लाख रुपये की प्रथम किश्त जारी की गई। एसपी कार्यालय के भवनों का कार्य 13 अक्तूबर 2016 को उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद शुुरू किया गया। शासन से दूसरी किश्त 14 मार्च 2018 को 1.21 करोड़ जारी की गई। एसपी कार्यालय का निर्माण पूरा करने का समय 12 जुलाई निर्धारित किया था, अभी तक 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है। उप्र आवास विकास परिषद के अधिकारियों का कहना है कि 15 अगस्त तक एसपी कार्यालय भवन का निर्माण कर हैंडओवर करने की कार्रवाई की जाएगी।
गोहरनी गांव की भूमि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय
शासन ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन को निर्माण कार्य सौंपा था। इसके लिए 2.84 करोड़ की धनराशि मई 2016 की स्वीकृति हुई थी। तीन अप्रैल 2017 को 50 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है, अभी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की दूूसरी किश्त न आने पर निर्माण कार्य अधर में लटका है। उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक अभी शासन से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय निर्माण के लिए 90 लाख की धनराशि प्राप्त हुई है। शासन से एक करोड़ से अधिक धनराशि आने के बाद छह माह में निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन के अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्ट की धनराशि का उपभोक्ता प्रमाण पत्र शासन को नहीं भेजा जा रहा है। डीएम शामली भी निर्माण एजेंसी का उपभोग पत्र जमा करने के लिए कह चुके हैं। वह शीघ्र ही मौके का मुआयना करके रिपोर्ट डीएम को भेजेगी।
जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय
जिला अस्पताल की दूसरी किश्त दो साल बाद आने के बाद कार्य अधर में लटका रहा। छह माह पूर्व जिला अस्पताल की 15 करोड़ की दूसरी किश्त धनराशि आने के बाद कार्य शुरू हो पाया। जिला अस्पताल निर्माण की दूसरी किश्त आने के बाद कार्य शुरू हो पाया। जबकि जिला अस्पताल निर्माण पूरा करने के लिए 31 मार्च 2018 का समय निर्धारित किया गया। जिला अस्पताल का निर्माण कार्य अभी तक 35 प्रतिशत कार्य पूूरा हो पाया था। सीएमओ, ड्रग वेयर हाउस का निर्माण ज्यादा तर पूरा हो चुका है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि जून 2018 तक सीएमओ कार्यालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। उन्होंने कार्य पूरा करके हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएमओ आफिस मेें बिजली कनेक्शन के लिए 2.51 लाख की धनराशि पावर कारपोरेशन निगम में जमा करा दिया है।