जमालपुर गांव में अंबाला शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर की भूमि पर लिया जा रहा कब्जा।
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जमालपुर गांव में भूमि पर निर्माण एजेंसी ने लिया कब्जा
शामली। छह लेन के 121 किमी लंबे अंबाला-शामली इकोनॉमिक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के लिए जिले में शुक्रवार से किसानों से जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने भूमि पर कब्जा लेना शुरू कर दिया है। थानाभवन क्षेत्र के जमालपुर गांव में 200 मीटर भूमि का तहसील की टीम और निर्माण एजेंसी के अफसरों की मौजूदगी में कब्जा लेने की कार्रवाई पूरी की गई।
अंबाला-शामली इकोनॉमिक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर एक्सप्रेसवे अंबाला से करनाल, यमुनानगर से सहारनपुर जिले के नुकड़- गंगोह से होता हुआ शामली जिले के गंदेवड़ा संगम के पास से होकर थानाभवन और जलालाबाद के बीच से होता हुआ दिल्ली शामली, सहारनपुर हाईवे को जोड़ता हुआ भैसानी इस्लामपुर के पास दिल्ली- देहरादून इकोनामिक कारिडोर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में मिलेगा। बाद में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे गोरखपुर तक जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की जद में जिले के 12 गांव के 800 किसानों की भूमि शामिल है। जिले के 12 गांवों के किसानों को 100 करोड़ रुपये का मुआवजा जिला प्रशासन को ढाई माह पूर्व प्राप्त हो चुका है। किसानों को 50 करोड़ का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
शुक्रवार को शामली सदर तहसीलदार प्रशांत कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने थानाभवन क्षेत्र के जमालपुर गांव में भूमि कब्जा लेने पहुंचे। तहसीलदार प्रशांत कुमार ने किसान की भूमि से एनएचएआई और निर्माण एजेंसी को कब्जा दिलाने की कार्रवाई पूरी की। अंबाला पीआईयू के साइट इंजीनियर अमित शर्मा ने बताया कि शामली जिले में कॉरिडोर की भूमि में कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू हो गई है। उन्होंने शामली जिले के 12 गांवों के 800 किसानों से अनुरोध किया है कि जिस किसान को मुआवजा नहीं मिला है, वह अपनी मुआवजा की पत्रावली शामली कलक्ट्रेट में एडीएम संतोष कुमार सिंह के कार्यालय में जमा करा दें, जिससे उन किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके। जमालपुर में भूमि पर कब्जा लेने की कार्रवाई में एनएचएआई और निर्माण एजेंसी के अफसर मौजूद रहे।