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दो माह में भी पुलिस लाइन की निर्माण एजेंसी नहीं हो पाई तय

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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। दो माह में भी लोक निर्माण विभाग पुलिस लाइन के निर्माण के लिए एजेंसी का चयन नहीं कर पाया है। अब विभाग के अफसरों की ओर से अगस्त के प्रथम सप्ताह में निर्माण एजेंसी के चयन करने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद अगले दो माह अनुबंध और डिजाइन तैयार करने में लगेंगे। अक्तूबर में निर्माण शुरू हो सकता है।
28 सितंबर 2011 को शामली जिला बनने के बाद गोहरनी-भैंसवाल गांव के जंगल में पुलिस लाइन और एसपी कार्यालय के लिए 75 एकड़ भूमि आरक्षित की गई थी। राजकीय निर्माण निगम ने एसपी कार्यालय का निर्माण कर पुलिस महकमे को चार साल पहले हस्तांतरित कर दिया था। दो साल पहले लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने नई पुलिस लाइन का 232 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। एक मार्च 2020 को सीएम योगी ने पुलिस लाइन का शिलान्यास किया गया था।
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लोक निर्माण विभाग ने शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा था। दो साल कोरोना काल के चलते पुलिस लाइन और आवासीय भवनों की वित्तीय स्वीकृति नहीं हो पाई थी। इस साल 31 मार्च 2022 को पुलिस लाइन भवन के निर्माण के लिए 198.71 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। जिसमें 2.50 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई। हालांकि दो माह बाद भी ऑनलाइन की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। गत 11-12 जून को लखनऊ में पुलिस लाइन के ऑनलाइन टेंडर खोले गए। जिसमें उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम और दिल्ली की यूनिवर्सल समेत तीन कंपनियों के टेंडर मिले थे। टेंडर प्रकिया के बाद भी लोक निर्माण विभाग लखनऊ के अफसर निर्माण एजेंसी का नाम चयन नहीं कर पाए हैं।
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वहीं, अधीक्षण अभियंता पवन वर्मा ने बताया कि वह अवकाश पर चले गए थे। 15 जुलाई के बाद अवकाश से लौटे हैं। अगस्त के प्रथम सप्ताह में निर्माण एजेंसी का नाम तय करेंगे। जिसके बाद दो माह अनुबंध प्रक्रिया पूरी करने और निर्माण एजेंसी की ओर से पुलिस लाइन का डिजाइन तैयार करने में लगेंगे। अक्तूबर से पुलिस लाइन का कार्य शुरू होने की संभावना है।
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