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Shamli News: ठिठुरन भरी रात... सड़क पर किसान

Sat, 09 Dec 2023 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली मिल रोड पर जाम के दौरान सर्दी में टैक्टर ट्रॉली के निचे सोता किसान
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शामली। गन्ने की की बुआई से लेकर फसल तैयार होने, इसके बाद मिल पहुंचाने और उसका भुगतान पाने तक में किसानों का संघर्ष और उनका दर्द भी एक मिसाल ही है। इस समय गन्ने को मिल तक पहुंचाने के संघर्ष का दौर चल रहा है। आए दिन शुगर मिल में खराबी के कारण ठिठुरन भरी रात किसानों की सड़कों पर कट रही है। किसान अपने वाहनों को कोतवाली या फिर मैन रोड पर खड़ा कर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई पड़ते है। नींद आ जाती है तो सड़क पर ही लेट जाते है। संवाददाता ने किसानों के दर्द को जानने के लिए बृहस्पतिवार की रात 10 से लेकर 2 बजे तक किसानों के बीच बिताई। किसानों ने बताया कि हमें तो संघर्ष ही करना है। गन्ने दे रहे हैं तब भी और जब भुगतान लेंगे तब भी।
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स्थान : कोतवाली के सामने
सड़क पर रात बिता रहे किसान
रात करीब 10 बजे शुगर मिल से लेकर मेरठ रोड पर गन्ने से भरे वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। कुछ किसानों ने दो-दो लाइनें भी बनाई हुई थी। कुछ किसान अपनी बारी नहीं आने के कारण गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली के नीचे ही कंबल बिछाकर लेटे हुए थे। लिलौन के किसान राजबीर, सोहनवीर ने बताया कि हर बार शामली शुगर मिल में तकनीकी खराबी रहती है। अब तौल कराने के लिए उन्हें इसी प्रकार रात सड़क पर बितानी पड़ती है।
स्थान- एमएसके रोड
दो दिन भी करना पड़ जाता है इंतजार
यहां पर रात 11 बजे शुगर मिल से लेकर फव्वारा चौक तक किसानों की गन्ने की बोगियों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन लगी हुई थी। कुछ किसान जहां ताश खेलकर अपनी बारी के आने का इंतजार कर रहे थे वहीं कुछ मोबाइल में लूडो भी खेल रहे थे। भैंसवाल के किसान रामबीर, अनुज और सक्षम ने बताया कि कई बार तो दो दिन तक गन्ना पेराई का इंतजार करना पड़ता है। सर्दी नहीं लगती है क्या? इसके जवाब में किसानों ने कहा कि हम तो पाले भी खेतों में रहते हैं। किसानों ने कहा कि ये सब तो झेल ले रहे हैं पर बस पिछला बकाया भुगतान और अब 14 दिन का भुगतान उन्हें समय पर कर दिया जाए, ताकि परिवार की स्थिति खराब न हो।
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अलाव का सहारा लेना भी मजबूर
12:30 बजे कुछ किसान कोतवाली के पास अलाव जलाकर अपनी बारी के आने का इंतजार कर रहे थे, मगर गन्ने की तौल धीमी गति से हो रही है। किसानों ने बस इतना ही कहा कि हमे तो बुआई से लेकर भुगतान लेने तक संघर्ष ही करना है। जब गन्ना तैयार करते है तो खेतों में जागते है जब बेचते है तो सड़क पर जागते है, जब भुगतान नहीं मिलता तो मिल के बाहर जागते है। हम करे तो क्या करे।
सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही
किसान नवीन, सादिक का कहना है कि हर बार दिसंबर माह में गन्ना मूल्य घोषित कर दिया जाता था मगर अभी तक कोई गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया है। किसान भले ही देशके लोगों का पेट पालता हो मगर सरकार किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। किसानों ने एक सुर में कहा कि उनका पिछले साल का बकाया भुगतान जल्द होना चाहिए।
गन्ना वाहन खड़ा कराने की व्यवस्था कराएं मिल
किसान सुधीर का कहना है कि मिल प्रशासन को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अलग से जमीन से खरीदकर गन्ने के वाहनों को वहां खड़ा कराया जाना चाहिए। अब वे अपनी बारी के इंतजार के दौरान यदि वाहनों को खड़ा करने का प्रयास करते हैं तो कुछ मकान ओर दुकान संचालक उनके साथ अभद्रता भी करते हैं। वाहनों को शहर से बाहर खड़ा करने की व्यवस्था कराने की मांग किसानों ने की है।
विश्राम कक्ष में फैली बदहाली

मिल में ही यार्ड के पास प्रशासन ने किसानों के ठहरने के लिए कक्ष बनाया हुआ है। जिसमें गंदगी का आलम है। किसानों का आरोप है कि यहां पर सफाई तक नहीं की जाती। किसानों के लिए तख्त तो डाले गए हैं मगर कंबल आदि की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा टीन शेड भी टूटी पड़ी है। जगह जगह गोबर पड़ा हुआ है।

तीन दिन पहले अचानक ही फैक्ट्री में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण पेराई के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ा। किसानों के विश्राम गृह में तख्त से लेकर अन्य सुविधाएं दी गई है। 24 घंटे विश्राम गृह खुला भी रहता है। गंदगी, टीनशैड टूटने की जानकारी नहीं है - दीपक राणा, उप गन्ना प्रबंधक

.शुगर मिल के विश्राम गृह में गंदगी और टीन शेड टूटे होने की जानकारी नहीं है। मिल प्रशासन को निर्देश देकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। प्रयास रहेगा कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाए।
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- रविंद्र सिंह, डीएम शामली

शामली मिल रोड पर जाम के दौरान सर्दी में टैक्टर ट्रॉली के निचे सोता किसान

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