संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में चल रहे कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी की जांच के लिए डीएम आलोक यादव ने समिति गठित की है। अधिकारियों के छापे के डर से ज्यादातर कोचिंग सेंटर बंद रहे। उधर, अग्निशमन विभाग की तरफ से दूसरे दिन कोचिंग सेंटरों की जांच करने का अभियान बंद रहा।
दो दिन पहले सोमवार को लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना के बाद शासन ने सभी कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी व बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों का निरीक्षण करने और अवैध रूप से चलते हुए पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
खास बात यह है कि जिले में मात्र 24 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत है जबकि 200 से ज्यादा कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। इन सेंटरों पर मानकों का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों ने भी कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया या जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है।
शासन के निर्देश पर मंगलवार को अग्निशमन विभाग ने जिले में 46 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया था। जांच में खुलासा हुआ था कि ज्यादातर कोचिंग सेंटरों पर आग से बचाव व सुरक्षा के इंतजाम नहीं पाए गए थे। अधिकारियों के छापे व निरीक्षण के डर के कारण शहर में ज्यादातर कोचिंग सेंटरों पर ताले लटके रहे।
बुधवार को अग्निशमन विभाग की तरफ से कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी के निरीक्षण करने का अभियान नहीं चलाया गया। फायर स्टेशन प्रभारी युवकेश ने बताया कि मंगलवार को कोचिंग सेंटरों के निरीक्षण की रिपोर्ट सीएफओ मुजफ्फरनगर को भेज दी गई है।