कार्यशाला को संबोिधत करते वैज्ञानिक ऋषभ्ा।
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शामली जनपद में स्वच्छता को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली से आए संज्ञानात्मक वैज्ञानिक ने सभी नगर पालिका, नगर पंचायत चेयरमैन और सभासदों को इंदौर शहर के स्वच्छता अभियान की तर्ज पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
संज्ञानात्मक वैज्ञानिक ऋषभ खन्ना ने बताया कि 2015 की स्वच्छता रैंकिंग में इंदौर शहर पहले 86वें नंबर था। मगर, वहां के अधिकारियों ने चार माह तक स्वच्छता पर अध्ययन करते हुए बदलाव लाकर शहर को पहले पायदान पर पहुंचा दिया। शहर में 1400 डस्टबिन रखवाए गए। 800 नई गाड़ियां खरीदकर उन्हें घर घर जाकर कूड़ा लाने के लिए लगाया। इसकी एवज में प्रत्येक घर से 60 रुपये प्रति माह लिया जा रहा है। यहीं वजह है कि वहां सड़कों के साथ अन्य कहीं भी कूड़ा दिखाई नहीं दे सकता। वहीं डालने वाले पर भी पांच हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना भी लगाया गया है। बताया कि अगर सभी एक साथ मिलकर कार्य करते तो तीन साल में शामली को इंदौर की तरह ही गंदगी से मुक्त किया जा सकता है। हमें बस शहर में सफाई करने का तरीका बदलना होगा। सभी चेयरमैन और सभासदों ने एक साथ मिलकर ईमानदारी के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
शामली नगर पालिका की चेयरपर्सन के पति राजेश्वर बंसल ने शहर में टैक्स में बदलाव करने और बची हुई सभी ट्यूबवेलों को भी इंटरनेट सिस्टम से जोड़ने के लिए कहा। एक मैग्जीन छपवाने के लिए भी कहा, जिसमें सभी चेयरमैन, सभासदों और अधिकारियों के मोबाइल नंबर छपे हो। ताकि एक दूसरे से संपर्क करने या सलाह लेने में कोई परेशानी ना हो। कार्यक्रम की अध्यक्षा मुजफ्फरनगर की नगर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल और संचालन राजीव मलिक ने किया। इस दौरान शामली की चेयरपर्सन अंजना बंसल, एलम से दीपा पंवार, थानाभवन इंतजार अजीज, पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, गढीपुख्ता से अलीहसन, झिंझाना से नौशाद, कैराना से हाजी अनवर, जलालाबाद से अब्दुल गफ्फार, रिटायर्ड आईपीएस विजय कुमार गर्ग व सभी सभासद मौजूद रहे।