25 साल बाद कृष्णा नदी में आया स्वच्छ पानी
लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो गया कृष्णा नदी के जीर्णोद्धार का काम
5.90 करोड़ की लागत से तेजी से चल रहा नदी के सुधार का कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
बाबरी/शामली। आखिरकार करीब 25 साल बाद कृष्णा नदी में स्वच्छ पानी आने से आसपास के लोग काफी खुश हैं। युवा नदी में स्नान का आनंद ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने नदी के सुधार की दिशा में काम शुरू कराया, तो परिणाम भी सामने आने लगे। करीब 5.90 करोड़ की लागत से प्रस्तावित जीर्णोद्धार का लगभग 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों का दावा है कि बाकी काम भी जल्द पूरा हो जाएगा।
बाबरी के कैंडी गांव में कृष्णा नदी प्रवाहित है। कृष्णा नदी में सहारनपुर से फैक्टरियों सहित कई नालों का प्रदूषित पानी प्रवाहित होता था। इसके चलते शामली जनपद थानाभवन क्षेत्र के गांव चंदेनामल, दखोड़ी, जलालाबाद देहात, तितारसी, सोंटा रसूलपुर, बाबरी थाना क्षेत्र के गांव रायपुर कैंडी, बनतीखेड़ा आदि गांवों का पानी दूषित हो चुका है। इससे गांवों में बीमारियां पनप रहीं हैं। जिला प्रशासन ने नदी के जीर्णोद्धार के लिए काम शुरू किया, तो इसके परिणाम भी सामने आ गए। बारिश के चलते भी कृष्णा नदी में पानी साफ आने लगा है।
अक्तूबर तक का लक्ष्य लेकर चला प्रशासन
शामली। कृष्णा नदी सहारनपुर से जिले की सीमा में गांव चंदेनामाल से प्रवेश करती है। जनपद में नदी की लंबाई करीब 69.1 किलोमीटर है तथा यह तीन ब्लॉक क्षेत्रों से होती हुई गुजरती है। 25 ग्राम पंचायतें और बनत नगर पंचायत नदी के किनारे पर हैं, जबकि चार नगर निकाय थोड़ी दूरी पर हैं। नदी की खोदाई और सफाई काम लगभग 75 प्रतिशत हो गया है, जबकि इसमें गिरने वाले नालों के पानी को रोकने के लिए फाइटो रेमिडिएशन पाउंड तथा स्टेबलाइजेशन पाउंड बनाए जाएंगे। इसके अलावा पौधरोपण करने के साथ ही पार्क भी बनाए जाएंगे। जिला प्रशासन अक्तूबर तक कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य लेकर चला है।
अमर उजाला ने चलाया अभियान...
अमर उजाला ने भी कृष्णा नदी के सुधार के लिए अभियान चलाया। आसपास के गांवों में प्रदूषित हो रहे जलस्तर को लेकर खबरें प्रकाशित की। नदी के सुधार के लिए भी लोगों को जागरूक किया।
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कृष्णा नदी एक नजर में...
जिले में कुल लंबाई : 69.1 किलोमीटर
किनारे की ग्राम पंचायतें : 25
आसपास नगर निकाय : 05
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बोले ग्रामीण...
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गांव कैंडी निवासी राज्जो (65) का कहना है कि करीब 45 वर्ष पूर्व जब उनकी शादी हुई थी, तो बराती कृष्णा नदी में ही नहाने गए थे, तब इस नदी का पानी पीने योग्य था। अब पानी साफ आने से बहुत अच्छा लग रहा है।
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कैंडी निवासी यूसुफ (68 ) ने बताया की कई वर्षों बाद नदी में पानी नहाने योग्य आया है।
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ठाकुर प्रह्लाद सिंह (90) का कहना है कि 40-50 वर्ष पूर्व खेतों में कार्य करते समय का कृष्णा नदी में ही नहाते थे और पानी पीते थे। नदी का सुधार होना चाहिए।
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श्याम सिंह (82) ने कहा कि वह अपने पिताजी के साथ नदी में नहाने जाते थे। वर्षों बाद नदी में इतना साफ पानी आया है कि इसमें नहाया जा सकता है। अभी नदी को और साफ करने की आवश्यकता है। इससे आसपास के गांवों का जलस्तर भी सुधरेगा।
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इन्होंने कहा...
कृष्णा नदी के सुधार का काम तेजी से चल रहा है। लगभग 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ज्यादातर स्थानों पर नदी की सफाई एवं खोदाई हो चुकी है। अक्तूबर तक नदी सुधार का काम पूरा किया जाना है।
- शंभूनाथ तिवारी, सीडीओ, शामली।
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