शामली। दोपहर के समय हुई एक घंटे की बारिश से जहां मौसम ठंडा हो गया। वहीं दूसरी ओर शहर में कई जगह जलभराव के होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल अगले सप्ताह 16 सितंबर बारिश होती रहेगी। अच्छी बारिश होने से खरीफ के साथ रबी की फसल को लाभ मिलेगा।
पिछले सात दिनों मेें ऐसा कोई दिन नहीं है जिसमें बारिश नहीं हो रही है। शुक्रवार सुबह तेज धूप निकली। दोपहर तक करीब दो बजे अचानक आकाश मेें काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। एक घंटे तक हुई बारिश से शहर में जगइ-जगह जलभराव हो गया। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण फव्वारा चौक, कबाड़ी बाजार, बड़ा बाजार, गांधी चौक, मिल रोड, नेहरू रोड, टंकी रोड, ब्लाक रोड, रेलपार रोड, माजरा रोड, भैंसवाल रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी व मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर बनत कस्बे में सड़क पर पानी भर गया।
बारिश से दिल्ली-शामली रोड पर लिलौन व करमूखेड़ी गांव में सड़कों हुए गड्ढों में पानी भरने से पैदल व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश होने से दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 किमी हवाएं चलने से मौसम ठंडा हो गया है। बारिश के साथ बनत समेत कई स्थानों धान की फसल गिर गई है। उधर, सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि फिलहाल 16 सितंबर तक बारिश होगी।
तेज बारिश से कई स्थानों पर जलभराव
जलालाबाद। कस्ब में हुई जोरदार बारिश से नया बस स्टैंड, गंगोह चौराहा सहित कई स्थानों पर जलभराव हुआ। जिस कारण आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल भी तेज हवा गिर गई है। गोभी की फसल में भी किसानों को भारी नुकसान हो गया। किसान अजमेर, अनुज, राकेश सैनी, बबलू आदि का कहना है कि गोभी की फसल लगा रखी है, जो पानी में डूब जाने से फसल खराब हो गई। जिससे लाखों का नुकसान हो गया है ।
दोपहर में हुई 35 एमएम बारिश
पूर्वी यमुना नहर खंड के जिलेदार अबुंज कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर 35 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। उपनिदेशक कृषि शिवकुमार केसरी ने बताया कि बारिश से धान की फसल को बेहतर लाभ है, ज्यादा बारिश से गन्ने को नुकसान हो सकता है।
बारिश से 12 बिजलीघरों की विद्युत आपूर्ति ठप
शामली। तेज हवाओं के साथ बारिश होने के बाद विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं, कुड़ाना गांव के पास 33 हजारी का बिजली के पोल टूटकर गिर जाने तार भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
कुड़ाना बिजलीघर के लाइनमैन प्रमोद कुमार के अनुसार कुड़ाना गांव के बिजलीघर के भाजू-चुनसा व कुड़ाना फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। 11 हजारी बिजली के खंभे खेतों के बीच बताए गए हैं। इन फीडरों की शनिवार शाम तक आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर ने बताया कि बारिश से कैराना देवी मंदिर फीडर क्षतिग्रस्त होने के बाद चालू कर दिया गया है। बिजली फीडरों में ब्रेकिंग होने की जानकारी मिल रही है। जिनकी मरम्मत कराई जा रही है। वहीं, बारिश के साथ तेज हवाएं चलने धान की फसल भी बर्बाद हो गई। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के वैज्ञानिक एसपी सिंह ने बताया कि बारिश के साथ तेज हवाओं से गिरी अगेती धान की फसल को नुकसान है। बारिश होने से आलू की बुआई करने वाले किसान प्रभावित है। जिन किसानों ने आलू बोया है, उनका आलू सड़ गया है।