शामली। कई घंटों की झमाझम बारिश से समूचा शहर जलाशय बन गया। बारिश का पानी दुकानों एवं घरों में घुस गया। शहर का हर बाजार, हर मुख्य मार्ग, सार्वजनिक स्थान, सरकारी कार्यालय, कोतवाली, थाने और नगर पालिका परिषद कार्यालय जलभराव में डूबे रहे। पानी में वाहन रेंगते नजर आए। छात्र-छात्राओं को पानी में अपने घर जाना पड़ा।
मंगलवार सुबह दस बजे के बाद आकाश में बादल छाए गए। करीब 11.30 बजे झमाझम बारिश होने से समूचा शामली शहर पानी में डूब गया। शहर के अजंता चौक से लेकर फव्वारा चौक, कबाड़ी बाजार, मिल रोड, नगर पालिका परिषद, नेहरू मार्केट, शहर कोतवाली, माजरा रोड, टंकी रोड, ब्लाक रोड, मोहल्ला पंसारियान, जीआरपी थाने में जलभराव के कारण लोगों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। अजंता चौक से लेकर फव्वारा चौक तक होटलों और दुकानों में पानी भर गया।
शहर के कैैैैराना रोड पटेल नगर, नौंकुआ रोड पर दुकान से दुकानदार और घरों से महिलाएं पानी निकालते नजर आए। शहर के हनुमान रोड, शिव चौक, धीमानपुरा आदि मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से पानी में वाहन रेंगते नजर आए।
इसके अलावा कबाड़ी बाजार, वीवी इंटर कॉलेज रोड, जैन इंटरकालेज व हिंदू कन्या इंटर कालेज की छात्राएं पानी से होकर गुजरते आए। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक रविवार तक आकाश में बादल छाए रहेंगे। बूंदाबांदी के बाद धूप निकलेगी।
52 एमएम बारिश हुई रिकार्ड
पूर्वी यमुना नहर खंड के जिलेदार अंबुज कुमार ने बताया कि मंगलवार को दोपहर के समय घंटों हुई बारिश 52 एमएम रिकार्ड की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 12 एमएम व मंगलवार को 40 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज की गई हैं। कृषि उपनिदेशक रामवीर कटारा ने बताया कि मंगलवार को बारिश गन्ना, धान, ज्वार, मक्का समेत कई फसलों के लिए लाभदायक है। धान व गन्ने के लिए सोना बरसा है।
यमुना का भी जलस्तर बढ़ा
कैराना। पहाड़ों और क्षेत्र में दो दिन से हो रही बारिश के चलते यमुना का जल स्तर बढ़ गया। मंगलवार दोपहर यमुना चेतावनी बिंदु से 75 सेमी नीचे 229.25 मीटर पर बह रही थी।
पिछले दो दिनों से पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में रुक रुककर बारिश हो रही है। सोमवार को यमुना जहां 228.7 मीटर पर बह रही थी। वहीं रात से ही यमुना का जल स्तर बढ़ना शुरू हो गया था।
यमुना का खतरे का निशान 231 मीटर पर है जबकि चेतावनी बिंदु 230 मीटर पर है। मंगलवार दोपहर बारिश के कारण यमुना का जल बढ़ कर 229.25 मीटर पर पहुंच गया था। सिंचाई विभाग के बेलदार राज कुमार शर्मा ने बताया कि बैराज से यमुना में पानी छोड़े जाने की सूचना नहीं है।
केवल बरसात का पानी नहरों व नालों द्वारा यमुना में आने के कारण यमुना का जल स्तर बढ़ गया है। उधर हथिनीकुंड बैराज पर यमुना में सुबह दस बजे 352 क्यूसेक पानी बह रहा था, दोपहर में यमुना में नौ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा।