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चीनी मिलों के वादों में कड़वाहट ज्यादा

Wed, 22 Feb 2017 12:01 AM IST
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
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suger mill - फोटो : amar ujala
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शामली। चुनावी दौर में किसानों के हित में चाहे कितने ही दावे किए जाएं, मगर धरातल पर उनका असर दिखाई नहीं देता। इसी का फायदा शुगर मिल मालिक उठा रहे हैं और मनमानी करते हुए किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा। शामली जिले की तीनों चीनी मिलों पर मौजूदा पेराई सत्र का करीब 331 करोड़ 73 लाख रुपये बकाया हो गया है, लेकिन मिल मालिक भुगतान करने के प्रति गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। 
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गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर स्पष्ट आदेश है कि 14 दिन के अंतराल में गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों के खाते में पहुंच जाना चाहिए, मगर मिल प्रबंधन इसका पालन नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि अपर दोआब शुगर मिल शामली का मौजूदा पेराई सत्र पांच नवंबर को, थानाभवन शुगर मिल का तीन नवंबर को और ऊन शुगर मिल का पेराई सत्र सात दिसंबर को शुरू हो गया था।

इसके बाद से 20 फरवरी तक तीनों चीनी मिलों द्वारा करीब 153.93 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा जा चुका है, जबकि भुगतान के नाम पर किसानों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। शामली शुगर मिल ने 15 दिसंबर 2016, ऊन शुगर मिल ने 22 दिसंबर तो थानाभवन शुगर मिल ने 28 नवंबर तक का ही भुगतान किसानों को दिया है। तीनों शुगर मिलों ने अब तक 469 करोड़ 77 लाख 25 हजार रुपये का गन्ना खरीद किया, जिसके सापेक्ष 138 करोड़ तीन लाख 66 हजार रुपये का भुगतान किया। इसके बाद 331 करोड़ 71 लाख 59 हजार रुपये का बकाया हो गया है। 
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शामली शुगर मिल ने सोमवार को दिया भुगतान 
अपर दोआब शुगर मिल शामली ने सोमवार को ही 13 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान गन्ना समिति के माध्यम से किसानों को भेजा। पिछले दिनों शुगर मिल में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया था। उसका असर हुआ कि 15 दिसंबर तक का भुगतान शुगर मिल ने कर दिया। 

-- नियमों का पालन नहीं कर रहे शुगर मिल मालिक 
किसान जितेंद्र सिंह हुड्डा, भाकियू नेता कुलदीप पंवार सहित अन्य किसानों का कहना है कि शुगर मिल मालिक गन्ना मूल्य भुगतान में मनमानी कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने 14 दिन के अंतराल में भुगतान का आदेश दिया हुआ है।

बावजूद इसके गन्ना मूल्य भुगतान में देरी की जा रही है, जिसका नुकसान किसानों को होता है। किसानों को अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी और अन्य खर्च के लिए बाजार से उधार सामान लेना पड़ता है। वहीं, गन्ना विभाग भी किसानों की इस समस्या के बारे में कतई चिंतित नहीं है। यदि प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता बरतें और नियमों का पालन कराएं, तो समय पर भुगतान हो सकता है। 
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गन्ना खरीद और बकाया भुगतान की स्थिति  
शुगर मिल -- गन्ना खरीद -- भुगतान -- अवशेष भुगतान --  भुगतान का प्रतिशत 
शामली -- 59.25 लाख क्विंटल -- 69.28 करोड़ -- 112 करोड़ 34 लाख -- 38.15 प्रतिशत 
ऊन -- 20.69 लाख क्विंटल -- 12.20 करोड़ -- 51 करोड़ 13 लाख -- 19.27 प्रतिशत 
थानाभवन -- 73.99 लाख क्विंटल--56.54 करोड़ -- 168 करोड़ 25 लाख -- 25.15 प्रतिशत 
कुल ---- 153.93 लाख क्विंटल -- 138.03 करोड़ -- 331 करोड़ 73 लाख
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