कांधला। मोमबत्ती से मजदूर के घर में आग लग गई। जिसमें नौ साल की बच्ची जिंदा जल गई, जबकि महिला और तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को उपचार के लिए चिकित्सालय भर्ती कराया गया। जहां से उन्हें जिले के लिए रेफर कर दिया गया। हादसे में मजदूर के घर का पूरा समान जलकर राख हो गया है ।
गांव नाला निवासी दलित प्रवेंद्र मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर बसर करता है। प्रवेंद्र के परिवार में पत्नी के अलावा उनके बच्चे 13 वर्षीय अनिकेत, 11 वर्षीय निकिता, 9 वर्षीय गुनगुन व 7 वर्षीय रोहित हैं। शुक्रवार को प्रवेंद्र मजदूरी के लिए घर से बाहर गया हुआ था। घर पर उसकी पत्नी शकुंतला व बच्चे अकेले थे।
रात के समय बच्चों ने घर में रोशनी करने के लिए मोमबत्ती जला रखी थी, लेकिन घर के किसी सदस्य ने सोने से पहले मोमबत्ती को बंद करने के बजाय उसे जला छोड़कर केरोसिन के तेल की कैन पर रख दिया। इसी के पास निकिता व गुनगुन एक ही चारपाई पर सो रहे थे। देर रात्रि में अचानक जलती मोमबत्ती से केरोसिन में आग लग गई और तेज धमाके के साथ में पूरे घर में तेल फैल गया और आग की लपटें उठने लगीं। घर के अंदर से परिवार के लोगों की चीखने की आवाज व आग की लपटों को उठता देखकर ग्रामीण दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद परिवार के लोगों को बाहर निकाला, लेकिन इस दौरान शकुंतला, रोहित, निकिता और अनिकेत बुरी तरह से झुलस गए, जबकि गुनगुन की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया।
इस हादसे में मजदूर के पूरे घर का सामान जलकर राख हो गया । किसान संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी सुनील पंवार अपने साथियों के साथ पीड़ित के घर पर पहुंचे। उन्होंने परिवार को धीरज बंधाते हुए जिलाधिकारी से मुआवजे की मांग की है । वहीं ग्राम प्रधान प्रवीन कुमार ने भी परिवार मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।