झिंझाना। कस्बे में बुखार का प्रकोप बढ़ने के साथ ही डेंगू ने अपने पैर पसार लिए हैं। दो महिलाओं और एक पुरुष को डेंगू की पुष्टी होने पर शामली प्राईवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। कस्बे में बुखार के मरीजों की बढ़ रही संख्या पर स्वास्थ्य विभाग रोक लगा पाने में नाकामयाब साबित हो रहा है। जिसका कारण संसाधनों की कमी होना बताया जा रहा है।
कस्बे में बुखार के साथ चर्म रोग खुजली के मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। सीएचसी झिंझाना में प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। जिसमें दो सौ से ज्यादा मरीज बुखार व चर्म रोग से पीड़ित है। इसके अलावा राशन डीलर मनीष गर्ग उर्फ बोबी मोहल्ला गोलघर, महिला ओमवती, राजकली मोहल्ला ताड़वाला को डेंगू की पुष्टी होने पर शामली में प्राईवेट चिकित्सक पंकज गर्ग के यहां भर्ती कराया गया है। जो दो दिनों से उपचाराधीन है।
इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रवीण कुमार से बात करने पर बताया की झिंझाना उन में पर्याप्त चिकित्सक नहीं है। इसके अलावा संसाधन भी पूरे नहीं है। जितनी दवाइयां उपलब्ध हैं मरीजों को दी जा रही हैं।
गौरतलब है कि झिंझाना और ऊन सीएचसी में कोई लैब टेक्निशियन नहीं है। बताया जाता है कि खून की जांच चार दिन बाद आती है। यहां पर एक्सरे मशीन नहीं है। जनरेटर है, लेकिन चलाने के लिये डीजल का बजट नहीं है। मरीजों के पीने के पानी के लिए लगाए गए नल भी पीला पानी दे रहे हैं। मरीज पीने के पानी तक से तरस रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस ओर से उदासीन है। कस्बे व क्षेत्र वासियों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।