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Shamli News: दिमाग में कैमिकल लोचा और व्यक्तित्व विकार कराते हैं रिश्तों का खून

Wed, 12 Jun 2024 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। बल्ला माजरा गांव में बेटे द्वारा बेरहमी से पिता फजलू रहमान की हत्या का मामला सामने आने के बाद जिले के लोग हतप्रभ है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि दिमाग में कैमिकल लोचा और व्यक्तित्व विकार ही रिश्तों का खून कराते हैं। परिवार के सदस्य यदि समय रहते पीड़ित पर ध्यान दें तो इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है। ओपीडी में भी हर माह 200 से अधिक मामले इस तरह के सामने आ रहे हैं, जिसमें पीड़ित के दिमाग में हत्या करने का ख्याल आता है।
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वरिष्ठ मनोचिकित्सक डाॅ. अरुण कुमार राय बताते हैं कि रिश्तों की दरकती दीवार के पीछे कई मनोरोग है। हैरानी की बात है कि इन मनोरोगों के बारे में लोगों को पता ही नहीं होता है। यदि उचित तरीके से इन बीमारियों से लड़ा जाए तो संभव है कि इस तरह के मामलों पर कुछ हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
बताया कि ओपीडी में कई ऐसे मरीज आते हैं, जिनमें पीड़ित का किसी दूसरे को मारने का मन करता है। परिवार के सिकुड़ते दायरे के कारण बच्चों में सामाजिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है। परिवार के सदस्यों में भी एक दूसरे के लिए आदर भाव एवं सम्मान कम होता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अपनों की हत्या में ये सबसे बड़ा कारण है। वन स्टॉप सेंटर प्रभारी गजाला त्यागी के अनुसार परिवारों के विघटन ने रिश्तों की दूरियां बढ़ाने का काम किया है।
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यह होती है बीमारियां
ङॉ. अरुण राय के अनुसार जिन लोगों को डिप्रेशन, ऐजिटेशन, बाइपोलर डिप्रेशपन, साइकोसिस, सीजोफ्रेनिया, व्यकित्त्व विकार, जैसी बीमारियों हो जाती है, उनके व्यवहार में अजीब तरीके का परिवर्तन होता है। इसी कारण लोगों में मरने और मारने की प्रवृति पैदा हो जाती है। इसी वजह से व्यक्ति छोटी सी बात को बड़ा मुद्दा बनाकर अपराध की दुनिया में उतर जाता है। रिश्ते के खून करने वाले अधिकांश लोग ऐसे होते हैं। रोगों के कारण ही व्यक्ति कई बार अधिक उग्र हो जाता है।
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विशेषज्ञ की राय
: परिवार के सदस्यों से खुलकर बात की जानी चाहिए
: डिप्रेशन से ग्रस्त है तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
,: कलह बढ़ने पर परिवार परामर्श केंद्र की शरण लें।
: जितना हो सके सामाजिक मर्यादाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए
: संयुक्त परिवारों की मर्यादा की ओर बढ़ना चाहिए।
कारण
: नष्ट होते मानवीय मूल्य
: परिवार के सदस्यों में भावनात्मक लगाव की कमी होना
: व्यक्ति का आत्मकेंद्रित होना
: मोबाइल, टीवी का बढ़ता चलन
: शाॅर्ट कट अपनाने की आदत
:संयुक्त परिवारों का विघटन
: शक करने की आदत का लगातार बढ़ना।

परिणाम
: बेटे या फिर पति, प त्नी द्वारा हत्या के मामले बढ़ना
: वैवाहिक संंबंधों में दरार
: निकट के रिश्तेदारों या दोस्त द्वारा यौन शोषण
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