बागपत के लिए भी
फर्जी डिग्रीधारक के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई न करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार को पंजीकरण नोडल अधिकारी के दायित्व से हटा दिया है। यह दायित्व अब एसीएमओ डॉ. जाहिद अली त्यागी को सौंपा है। बताया कि यह कार्रवाई जिले में फर्जी डिग्रीधारक के नाम पर तीन अस्पताल चलने के मामले में प्रभावी कार्रवाई न करने पर की गई है। हालांकि सीएमओ ने इसे रूटीन प्रक्रिया के तहत बताया है।
एसीएमओ प्रशासन डॉ. सुशील कुमार कुछ समय से पंजीकरण नोडल अधिकारी का दायित्व संभाल रहे थे। एक सप्ताह पहले प्रशासन को शिकायत मिली थी कि जिले में फर्जी डिग्रीधारक के नाम पर तीन अस्पताल चल रहे हैं। उसके खिलाफ जिला बागपत में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और विभागीय जांच में डिग्री फर्जी पाई गई है। इस मामले में किसान नेता विनोद निर्वाल ने किसानों के साथ तीन दिन पहले सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर फर्जी डिग्रीधारक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया था। इस प्रकरण की शिकायत डीएम जसजीत कौर से भी की गई थी।
डीएम ने सीएमओ को इस मामले की गंभीरता से जांचकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बुधवार को सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार को पंजीकरण नोडल अधिकारी के दायित्व से हटा दिया। यह दायित्व अब एसीएमओ डॉ. जाहिद अली त्यागी को सौंपा गया है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि विभागीय व्यवस्था के चलते रूटीन पंजीकरण नोडल अधिकारी के दायित्व में फेरबदल किया है।
एक अस्पताल किया सील, दो पर नहीं हुई कार्रवाई
फर्जी डिग्रीधारक के नाम पर जिले के कस्बा कैराना में एक ताि कांधला में दो अस्पताल संचालित थे। इनमें से कैराना में चल रहे अस्पताल को सील किया गया है। एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि कैराना के निजी अस्पताल में जांच के दौरान अस्पताल के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे। जिस कारण अस्पताल सील कर दिया था। कांधला में चल रहे दो अस्पतालों के संबंध साक्ष्य और जांच पूरी न होने के चलते अभी तक कार्रवाई नहीं की गई थी।