- बारिश होने से मच्छरों के ज्यादा पनपने से बीमारी फैलने का डर
- चिकित्सकों ने लोगों को सावधानी बरतने के साथ बचाव करने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही डेंगू व मलेरिया का प्रकोप फैलने का खतरा बढ़ गया है। रात में हुई बारिश के बाद मच्छराें के ज्यादा पनपने की संभावना बन गई, जिससे मच्छर जनित बीमारियां फैलने का डर बन गया है। चिकित्सकों ने इस मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने के साथ ही मच्छराें से बचाव करने की सलाह दी है।
जिले में पहले से ही डेंगू व मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार इस साल में मलेरिया के 30 और डेंगू के तीन केस सामने आ चुके हैं। हालांकि निजी अस्पतालों व चिकित्सकों के यहां डेंगू के मरीजों की संख्या कहीं अधिक है। तीन दिन पहले बाबरी क्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा में बुखार से पांच साल के बच्चे की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार रात को जिले में हुई बारिश के बाद मौसम में बदलाव आया है। मौसम में इस तरह का बदलाव को मच्छर पनपने के लिए अनुकूल माना जाता है। इस तरह के मौसम में जलभराव होने से व नमी बनने से मच्छर ज्यादा पनपते है। मच्छर पनपने से डेंगू व मलेरिया बुखार का प्रकोप फैलने की आशंका बन गई है। चिकित्सकों ने ऐसे मौसम में लोगाें को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मच्छर जनित रोगों की परामर्शदाता राजेश कुमारी ने बताया कि बारिश होने से मच्छर पैदा होते हैं। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया होता है। इसलिए मच्छर को पनपने से रोकने व काटने से बचाव करना चाहिए।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार का कहना है कि इस मौसम में घर में और आसपास साफ-सफाई रखे। जलभराव न होने दे और छत पर बारिश का पानी पुराने टायर व मिट्टी के बर्तन में इकट्ठा न होने दे। फ्रिज की पानी की ट्रे व कूलर का पानी सप्ताह में दो बार जरूर बदले। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरी बाजू के कपड़े पहने ताकि मच्छर के काटने से बचाव हो सके। उन्होंने बताया कि अगर किसी को बुखार होता है तो चिकित्सक की सलाह से पहले जांच कराएं और फिर उपचार कराएं।