शामली। महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल में शनिवार को महान क्रांतिकारी पंडित चंद्रशेखर आजाद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
छात्रों को पंडित चंद्रशेखर आजाद के जीवन परिचय की जानकारी दी गई और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। शांतिनगर स्थित महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए।
मुख्य अतिथि पंडित तोताराम शास्त्री ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 में जब जलियावाला कांड हुआ था। उस समय चंद्रशेखर आजाद मात्र 13 वर्ष के थे। जिसके बाद से उन्होंने देश को आजाद दिलाने की कसम खाई।
प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा ने बताया कि 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद में अल्फ्रेड पार्क में अपने साथियों का इंतजार कर रहे थे। तभी किसी देशद्रोही ने अंग्रेजों को सूचना दे दी। जिस पर अंग्रेजों ने आजाद को घेर लिया था। वहीं पर अंग्रेजों ने उनकी हत्या कर दी। इस तरह के महान देशभक्तों के कारण ही भारत देश का नाम है।
कार्यक्रम में सीमा सैनी, अनीता शर्मा, अभिषेक, विनीत कुमार, गौरव शर्मा, युगांधर शर्मा, रजनीश वर्मा, गांधी वर्मा, सोनू सैनी, राधेश्याम जांगिड, राजू शर्मा, मोहित शर्मा, सुनीता रूहेला, मोनिका कश्यप आदि मौजूद रहे।