केंद्र सरकार के फैसले का असर चारों ओर दिखाई दे रहा है। कलक्ट्रेट परिसर में बैनामा लेखकों के चैंबर बुधवार को सूने पड़े रहे। इक्का दुक्का लोग ही वहां पहुंचे, मगर उनमें बैनामा कराने कम थे। बैनामा लेखक संजीव गर्ग और सतेंद्र खैवाल ने बताया कि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने का फिलहाल पूरा असर पड़ रहा है।
वहीं, अक्सर महिलाएं अपने घर में आपात स्थिति के लिए अपने परिवार को बिना बताए पैसे जोड़ा करती थी, अब उनका भी धन सामने आ रहा है। पति को इस धन के बारे में न बताने वाले महिलाएं अब पति से उसको चेंज कराने की अपील कर रही हैं।
भाजपाइयों ने बांटे लड्डू
शामली। भाजपा नगर मंडल के अध्यक्ष डाक्टर विपिन कौशिक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने के फैसले को ऐतिहासिक बताया और लड्डू बांटकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिक को कुछ दिन परेशानी हो सकती है, मगर इसके दूरगामी अच्छे परिणाम सामने आएंगे। नकली नोटों का प्रचलन खत्म होगा और कालेधन पर प्रभाव पडे़गा। इस दौरान पंकज कश्यप, पूर्ण सिंह उपाध्याय, संतोष विश्वकर्मा, अनुज गोयल, संजीव लोहान, उर्मिला गोयल, कार्तिक सरोहा और कुलदीप सैनी आदि मौजूद रहे।
पेट्रोल पंपों पर लगी भीड़
पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट लेकर पेट्रोल डलवाने वालों की भीड़ भी पेट्रोल पंप पर लगी रही। इससे पेट्रोल पंप संचालकों ने भी स्पष्ट कह दिया कि पांच सौ के नोट के बदले 100 रुपये का तेल नहीं देंगे, बल्कि पूरे पांच सौ रुपये का ही तेल देंगे।
इसको लेकर शहर के कई पेट्रोल पंप पर ग्राहकों और सेल्समैनों में विवाद की स्थिति बनी रही। वहीं, शाहपुर से शामली आने वाली बस में अधिकांश यात्रियों ने पांच सौ का नोट देकर किराया काटने को कहा। परिचालक विपिन ने बताया कि 80 सवारियों में से 60 ने पांच सौ का नोट देना चाहा। इस वजह से सवारियां बगैर किराए के ही शामली तक लानी पड़ीं।