शामली। सीडीओ रंजित सिंह बागपत हो या शामली में उनका विवादों से पुराना नाता रहा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जिले में आगमन के दौरान भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी शिकायत की थी। लोगों से सही व्यवहार नहीं होने का आरोप लगाया था।
दो साल पहले बागपत में सीडीओ रंजित सिंह को बागपत सांसद सतपाल सिंह, विधायक योगेश धामा की शिकायत पर तत्कालीन डीएम की संस्तुति पर हटाकर लखनऊ संबद्ध कर दिया गया था। बाद में शामली के सीडीओ शंभूनाथ तिवारी के सेवानिवृत्त होने के बाद शासन ने रंजित सिंह और डीडीओ रजत यादव की तैनाती दी थी। प्रधानों की शिकायत पर भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने एक कार्यक्रम में सीडीओ रंजित सिंह को आड़े हाथों लेकर सुधार करने की चेतावनी दे डाली थी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दो माह पूर्व शामली आए थे। भाजपा नेताओं ने लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर सीडीओ को हटाने की मांग की थी। अब बैठकों से नदारद रहने, योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं करने और रिश्वत प्रकरण में शासन ने सीडीओ और डीडीओ को निलंबित कर दिया। डीएम रविंद्र सिंह भी सीडीओ से नाराज चल रहे थे। जिसके कारण उन्होंने सीडीओ और डीडीओ की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई। सीडीओ रंजित सिंह का आगामी 31 मार्च 2024 को सेवानिवृत्ति का समय निर्धारित है।
डीडीओ रजत यादव के खिलाफ चल रही जांच
अप्रैल 2023 में शामली में डीडीओ बने रजत यादव के खिलाफ गोंडा में जांच चल रही है। शामली में आने के बाद लिपिक भ्रष्टाचार में फंस गए थे। बताया जा रहा है कि डीडीओ रजत यादव की पूर्व तैनाती की भी जांच चल रही है। हालांकि डीडीओ का कार्यकाल वर्ष 2026 तक है।