शामली। नोटबंदी से परेशान लोगों को बैंकों में 21 दिन बाद भी कैश ना मिलने से परेशान रहे। सुबह से ही लाइन में लगने के बाद भी कैश ना मिलने से जगह-जगह हंगामा होता रहा। वहीं, ज्यादातर बैंकों में नो कैश का नोटिस गेट पर लगा मिलने से लोग मायूस लौट गए।
सर्व यूपी ग्रामीण बैंक सिक्का में पिछले दस दिनों से कैश ना मिलने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। बैंक प्रबंधक से कैश के न आने के बारे में जानना चाहा, तो प्रबंधक ने अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि कैश नहीं है जो करना है कर लो। जिसके बाद ग्रामीणों और महिलाओं ने सहारनपुर मार्ग पर हंगामा प्रदर्शन कर जाम लगा दिया।
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी उपेंद्र यादव ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। काफी मशक्कत के बाद सीओ ने ग्रामीणों को बृहस्पतिवार को कैश मिलने का आश्वासन देते हुए जाम खुलवाया।
वहीं, मुंडेट स्थित पीएनबी बैंक पर सुबह आठ बजे ही कोहरे में लोग बैंक के खुलने से पहले बैंक के गेट पर बैठे नजर आए। जिसके बाद भी मायूसी ही मिली। शहर के आंध्रा बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनियन बैंक व पीएनबी, में भी नो कैश का नोटिस गेट पर लगा मिला। जिसके बाद आसपास के गांव से आए लोगों को नोटिस देख मायूसी हाथ लगी।
वहीं, कुछ बैंकों में एक से दो घंटे में कैश समाप्त होने के बाद लाइन में लगे लोगों हंगामा करते रहे। वहीं, दूसरी तरफ ज्यादातर बैंकों के एटीमम बंद पडे़ रहने से भी लोग बिना कैश के शहर के चक्कर काटते नजर आए। वहीं, एसबीआई बैंक का एटीएम चलता देखा गया तो वहां पर लंबी लाइन लगी रही। वहां भी कैश समाप्त हो जाने के बाद लाइन में लगे लोगों को वापस जाना पड़ा। जिसके बाद शहर में इधर उधर भटकते रहने के बाद भी कोई एटीएम चलता नजर नहीं आया। एसबीआई बैंक में महिलाओं की लाइन में लगी बुजुर्ग महिला नंबर के इंतजार में थककर लाइन के बीच में बैठी रही।