शामली में छात्रा सोनी की हत्या के विरोध में कश्यप समाज के आंदोलन को टालने के लिए बुधवार देर रात तक पुलिस प्रशासन प्रयास में लगा रहा था, लेकिन कश्यप समाज अपनी बात पर अड़ा रहा। वहीं, बृहस्पतिवार को जब धरना प्रदर्शन हुआ, तो कलक्ट्रेट को छावनी बना दिया गया। कई थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी के जवान भी तैनात रहे।
गांव गढ़ीश्याम निवासी छात्रा सोनी की हत्या पर कश्यप समाज आक्रोशित है। इसी के चलते बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए गांव दर गांव संपर्क किया गया था और प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए पर्चे तक बांटे गए थे। यही वजह रही कि बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में कश्यप समाज की भारी भीड़ पहुंची। शामली जिले के अलावा बागपत, मेरठ, सहारनपुर, हरियाणा और दिल्ली से भी कश्यप समाज के नेता धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। उधर, बुधवार रात तक पुलिस प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवार तथा आंदोलन से जुड़े लोगों को समझाकर प्रदर्शन को टालने का प्रयास किया। लोगों को समझाया गया कि प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है, लेकिन कश्यप समाज के लोग नहीं माने। बृहस्पतिवार को जब कलक्ट्रेट में भीड़ जुटनी शुरू हुई, तो पुलिस प्रशासन भी चौकन्ना हो गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शामली, आदर्श मंडी, झिंझाना, गढ़ीपुख्ता आदि कई थानों की पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात रही। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा और सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह भी प्रकरण पर नजर बनाए रहे।
बेटी बचेगी, तभी तो पढ़ेगी
प्रदर्शन के दौरान कश्यप समाज के लोग स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। तख्तियों पर लिखा था कि बेटी बचेगी, तभी तो पढ़ेगी। वहीं, धरनास्थल पर छात्रा सोनी को इंसाफ दो, हत्यारों को फांसी दो का नारा लिखे बैनर लगाए गए थे। इसके अलावा प्रदर्शन में पहुंचने पर लोगों ने छात्रा सोनी के चित्र के समक्ष श्रद्धासुमन भी अर्पित किए।
डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े
प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन लेने के लिए अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, एएसपी जगदीश शर्मा, एसडीएम सुरजीत सिंह और सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह लोगों के बीच पहुंचे। अपर पुलिस अधीक्षक ने छात्रा की हत्या के मामले में हुई कार्रवाई के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस पर लोगों ने उन्हें ज्ञापन नहीं दिया, बल्कि जिलाधिकारी को ही मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से उनके कार्यालय में पहुंचकर ज्ञापन दिया तथा डीएम द्वारा दिए गए आश्वासन के बारे में लोगों को अवगत कराया।
अपना खून देने से पीछे नहीं हटूंगा : सुधाकर
मेरठ से सुधाकर सिंह कश्यप भी धरना प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि कश्यप समाज का हमेशा से उत्पीड़न होता आया है, मगर अब बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि छात्रा सोनी की हत्या के मामले में इंसाफ नहीं मिला, तो आत्मदाह कर लूंगा। सुधाकर ने कहा कि कश्यप समाज का जहां पसीना गिरेगा, वहां मैं खून देने से भी पीछे नहीं हटूंगा। उधर, हरियाणा से आए नरेश कश्यप ने कहा कि यूपी ही नहीं, बल्कि अब हरियाणा में भी इस प्रकरण को लेकर आंदोलन होगा। वह हरियाणा के कश्यप समाज के साथ नेशनल हाईवे नंबर एक को जाम करके आंदोलन करेंगे।
-- समिति में नाम को लेकर हुआ विवाद
प्रदर्शन के दौरान सोनी न्याय संघर्ष समिति का गठन किया गया। उसमें 11 नाम बोले गए, लेकिन दिल्ली से आए भाजपा नेता ओमपाल कश्यप का नाम शामिल नहीं किया। इस पर वह नाम बोल रहे संचालक पर बिफर गए और नाराजगी जताने लगे। अन्य नेताओं ने उन्हें समझाकर शांत किया और कहा कि समिति में और भी नाम बढ़ाए जाएंगे।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
छात्रा सोनी की हत्या पर आक्रोशित कश्यप समाज के लोगों में भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा नेताओं के प्रति रोष नजर आया। कई लोगों ने मंच से यह तक कहा कि जिन लोगों से चुनाव में वोट लेते हो, अब उनको इंसाफ दिलाने क्यों नहीं आते। पीड़ित परिवार के यहां उनका दर्द बांटने का भी समय नहीं है। यह भी कहा गया कि अब भारतीय जनता पार्टी को बहू-बेटी के सम्मान की चिंता क्यों नहीं रही। इस दौरान एक वक्ता ने तो भाजपा सरकार के नेताओं के बारे में विवादित टिप्पणी भी कर दी।