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नदी किनारे के गांवों में बढ़ रहे कैंसर के मरीज

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नदी किनारे के गांवों में बढ़ रहे कैंसर के मरीज
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शामली। जनपद में कैंसर पांव पसारता जा रहा है। खासतौर से नदी किनारे के गांवों में कैंसर जिंदगी के लिए खतरा बना हुआ है। कैंसर पीड़ित लोग बड़े शहरों में उपचार करा रहे हैं। जनपद में कैंसर की जांच और उपचार की कोई सुविधा नहीं है।
शामली में जलालाबाद से लेकर कांधला क्षेत्र होते हुए जाने वाली कृष्णा नदी के किनारे बसे कई गांवों में कैंसर से लोग पीड़ित हैं। नदी किनारे बसे गांवों चंदेनामाल, हसनपुर लुहारी, बहावड़ी, काबड़ौत, सुन्ना समेत अनेक गांव है, जिनमें ग्रामीण कैंसर से जूझ रहे हैं। इन गांवों के लोग कैंसर फैलने का कारण नदी का प्रदूषित पानी मान रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इन गांवों में प्रदूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसके अलावा चौसाना के गांव खोड़समा में भी कैंसर से कई लोग पीड़ित हैं। जबकि कई लोगों की इस बीमारी से मौत भी हो चुकी है। कैराना क्षेत्र के गांव पंजीठ में भी कई लोग कैंसर पीड़ित हैं। कैंसर पीड़ित दिल्ली, मेरठ, करनाल जैसे बड़े शहरों में उपचार करा रहे है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी रोकथाम के कोई उपाय या जागरूकता अभियान नहीं चलाया जा रहा है। जनपद में कैंसर की जांच और उपचार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग के पास कैंसर पीड़ितों का रिकार्ड उपलब्ध नहीं है।
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--एनजीटी ने ली थी जानकारी
बहावड़ी गांव में प्रदूषित पानी और कैंसर पीड़ितों के बारे में एनजीटी ने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। करीब दो माह पहले एनजीटी के निर्देश पर जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर कैंसर पीड़ितों के बारे में जानकारी ली थी। जांच के दौरान करीब सात लोग कैंसर से पीड़ित मिले थे, जिनका दिल्ली और अन्य शहरों में उपचार चल रहा है। डीएमओ डा. विनय कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट एनजीटी को भेज दी गई थी।
--कैंसर से बचाव व सावधानियां
सब्जियां, फल, फलियां, मेवा और साबुत अनाज खाए।
नियमित शारीरिक गतिविधियां व्यायाम करें।
शरीर में वजन और मोटापा बढ़ने से रोकने के उपाय करें।
सिगरेट और तंबाकू का सेवन करने से बचें।
अल्कोहल का अधिक उपयोग न करें।
नियमित स्वास्थ्य जांच और परीक्षण कराएं।
शरीर में कहीं पर नई गांठ या बदलाव दिखाई देने पर जांच कराएं।
-- कोट
जनपद में कैंसर की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
-डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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