शामली। शहर के व्यापारी कुशल वर्मा को स्टाॅक ट्रेडिंग के कारोबार में अच्छा लाभ होने का झांसा देकर 50 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने साइबर थाना पुलिस को मामले की जांच सौंपी है।
कैराना रोड पर विजय चौक निवासी व्यापारी कुशल वर्मा ने बताया कि करीब 15 दिन पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप पर उसका मोबाइल फोन नंबर जोड़ा गया। उस ग्रुप में करीब 125 लोग जुड़े थे। ग्रुप पर स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश कर लाभ कमाने के ऑफर के मैसेज आने शुरू हुए। इसके साथ ही फाइनेंसियल एडवाइजर के नाम पर कुछ वीडियो भेजकर लोगों को विश्वास में लिया। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप पर लिंक भेजकर एप को ज्वाइन करने के लिए कहा गया।
उसने एप को ज्वाइन कर लिया। इसके बाद उन्हें रजिस्टर कर बताया कि अब वे स्टाॅक ट्रेडिंग का कार्य कर सकते हैं। पीड़ित के मुताबिक साइबर ठगों ने एप से अलग बैंक खाता नंबर भेजकर उसमें निवेश करने के लिए कहा। उन्होंने पहले 50 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कराए। इसके बाद एप पर लाभ के साथ 54 हजार रुपये दिखाए गए। ट्रेड कारोबार को कभी भारत में तो कभी अमेरिका में होना बताया गया।
इसके बाद उन्हें आईपीओ में ट्रेड करने पर 300 प्रतिशत का लाभ होना बताते हुए कहा कि यह सिर्फ महीने की 29 तारीख को ही खुलता है। व्यापारी के मुताबिक उसने पांच-छह बार में 50 लाख रुपये जमा किए और एप पर लाभ मिलाकर दो करोड़ रुपये होना दिखाया गया। जब उसने यह रकम वापस मांगी तो उन्हें टैक्स के 20 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया। जब उन्होंने टैक्स जमा करने से मना किया तो उन्होंने रकम देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी होने का पता चला।
पीड़ित का कहना है कि इस तरह से ग्रुप में जुड़े अन्य लोगों से भी कई करोड़ की ठगी होने की आशंका है। एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में आया है। इस मामले की जांच साइबर क्राइम थाना पुलिस को सौंप दी है।
पूर्व में हुई साइबर ठगी के मामले
- शहर के रेलपार निवासी आकाश निर्वाल से वर्क फ्रॉम होम व ऑनलाइन इनकम का झांसा देकर सात लाख 16 हजार 540 रुपये की साइबर ठगी।
- विश्वकर्मा नगर निवासी हर्ष वत्स से वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर टेलीग्राम पर रिव्यू करने का झांसा देकर 95,510 हजार रुपये की साइबर ठगी।
- दिल्ली रोड निवासी मुस्तकीम से रिश्तेदार बनकर 90 हजार रुपये की साइबर ठगी।
इस तरह करें बचाव
- साइबर ठगी होने की सूचना तत्काल डायल 1930 पर दें।
- किसी भी एप्लीकेशन व लिंक की सत्यता जानने के बाद एप्लाई करें।
- किसी दोस्त, परिचित व रिश्तेदार के नाम से कोई रकम मांगे तो पहले उसके बारे में जानकारी करें।