शामली। मंडी शुल्क समाप्त लागू करने के विरोध में शुक्रवार को भी शामली मंडी में व्यापारियों की हड़ताल जारी रही। हड़ताल से पिछले दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
शुक्रवार को शामली मंडी के व्यापारियों ने मंडी शुल्क समाप्त करने के विरोध में अपनी दुकानें- प्रतिष्ठान और कारोबार बंद रखे। गुड़ खांडसारी के माल की खरीद फरोख्त नही की। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को दिए गए ज्ञापन में कहा कि 5 जून 2020 को सरकार के अध्यादेश द्वारा किसानों व व्यापारियों को अपनी कृषि उपज मंडी स्थलों के बाहर भी खरीदने और बेचने का अधिकार दिया गया था। मंडी में व्यापारियों द्वारा कारोबार करने पर ढाई प्रतिशत का मंडी शुल्क लागू करना और मंडी से बाहर कारोबार करने पर मंडी शुल्क समाप्त करना यह अन्याय है। वहीं, मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार संगल ने बताया कि प्रतिदिन मंडी व्यापारियों से 50 लाख रुपये का कारोबार होता है। पिछले दो दिनों में एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। शनिवार को भी शामली मंडी में प्रदेश व्यापी हड़ताल रहेगी। मौके पर सतीश गोयल, उमेश संगल, राजीव संगल, शरद जैन, सतेंद्र कुमार, शिवकुमार, दिनेश जैन, राजीव संगल, अनेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, पवन संगल, प्रवीणकुमार, संजय कुमार, आदेश जैन मौजूद रहे।
मंडी में 200 लाइसेंसी व्यापारी, दो करोड़ आता है मंडी शुल्क
शामली। शामली मंडी सचिव अरुण कुमार ने बताया कि शामली मंडी में ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क व्यापारियों से लिया जाता है। पूरे सीजन में शामली मंडी के 200 लाइसेंस धारक व्यापारियों से दो करोड़ रुपये मंडी शुल्क वसूला जाता है। व्यापारियों के ज्ञापन को शासन को भेज दिया गया हैं।