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‘बस म्हारे गन्ने का समय पै पेमंट करा दै सरकार’  

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file - फोटो : amarujala
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केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में किसानों के लिए कई राहत दी गई हैं। अमर उजाला टीम ने शामली शुगर मिल में गन्ना डालने आए किसानों से बातकर उनकी प्रतिक्रिया जानी। किसानों ने बजट में किसानों को दी गई सुविधाओं को तो सही बताया लेकिन डीजल के दाम कम करने ,पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने और अपनी फसलों की आय बढ़ाने की भी मांग उठाई। कुछ ने तो कहा कि उनके गन्ने का समय पर भुगतान हो जाए तो यही उनके लिए अच्छा है। 
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पुराने कर्ज भी माफ होने चाहिए  
दो हेक्टेयर जमीन वालों को छह हजार रुपये महीना सरकार देने की बात कह रही है ये तो ठीक है। मगर, किसान को डीजल महंगा पड़ रहा है। डीजल के भाव कम करने चाहिए। इसका असर कई चीजों पर होगा। किसानों के पुुराने कर्ज माफ हों।  - खड़क सिंह ताना -फोटो संख्या -30 

आय दुगनी करने के बारे में कुछ नहीं  
सरकार ने बजट में किसानों की सोची तो है, लेकिन फसलों के उचित मूल्य दिलाने की बात भी सरकार ने कहीं थी। इसके लिए भी तो कुछ करना चाहिए। किसान नुकसान में ही है। - श्याम सुंदर मालैंडी- फोटो संख्या -31 
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समय पर हो गन्ना भुगतान 
किसानों के लिए सरकार ने बजट में कुछ अच्छा सोचा है लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी उसकी फसल का समय पर भुगतान होना है। उनके गन्ने का भुगतान समय पर मिल जाए वे तो इसमें भी संतुष्ट हैं। फसलों का उचित मूल्य दिलाना भी सरकार काम है। - महीपाल कसेरवा- फोटो संख्या -29  

जीएटी के दायरे लाएं पेट्रोल डीजल 
पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए था। तभी पेट्रोल डीजल की कीमत कम होती। किसान को खेत की सिंचाई, ट्रैक्टर में डीजल की जरूरत होती है, लेकिन बजट में इसका जिक्र ही नहीं है।  - अक्षय देशवाल किसान बधेव -फोटो संख्या -26 
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