चौसाना। बिड़ौली-चौसाना मार्ग लगभग पिछले दस वर्षों से टूटा पड़ा हैं। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। आरोप है कि जनप्रतिनिधि सत्ता में होने के बाद भी इस मार्ग का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन अधिकारियों की उपेक्षा का शिकार ये मार्ग कई साल से टूटा पड़ा है। आए दिन इस मार्ग पे छोटी बड़ी दुर्घटना होती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र से सांसद व एमएलए को जीताकर एक केंद्र की सत्ता में तो दूसरे विधानसभा में भेजा, लेकिन दोनों जनप्रतिनिधियों ने आज तक इस मार्ग की सुध नहीं ली है। इस टूटे मार्ग पर लूट राहजनी अक्सर होती रहती है। मार्ग की हालत इतनी खराब है की आपातकालीन स्थिति में कई बार मरीज समय रहते अस्पताल तक भी नहीं पहुंच पाते।
अनाज मंडी ना होने के कारण क्षेत्र के किसानों को मजबूरन इसी मार्ग से होकर हरियाणा के करनाल आदि मंडियों में इसी मार्ग से होकर जाना पड़ता है। जिससे जाते समय ट्रैक्टर-ट्राली पलटने व वापसी में फसल विक्रय की राशि लूटने का खतरा सदैव बना रहता है। पूर्व में इस प्रकार की कई घटना हो चुकी हैं। जिनमें किसानों की रकम लूटकर उनकी हत्या कर दी गई है।
अधिकारियों को इस मार्ग की समस्या का समाधान जल्दी करना चाहिए वर्ना क्षेत्रवासी किसी बडे़ आंदोलन को करने के लिए बाध्य होंगे। मौके पर राकेश शर्मा, लोकिंदर, रामपाल, जयपाल, महीपाल प्रधान नाइनंगला, रामकुमार प्रधान सकौती, नरेश प्रधान खोड़समा, कबूल प्रधान उदपुर आदि मौजूद रहे।