ईंट भट्ठा मालिक व मजदूर करेंगे संसद का घेराव
शामली। जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने कहा कि ऑल इंडिया ब्रिक्स एंड टाइल्स संघ और उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति अपनी मांगों को लेकर आगामी दस नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन करेंगे। संसद का घेराव भी करेंगे। इससे पहले दिल्ली के रामलीला मैदान से संसद तक पैदल मार्च करेंगे।
शहर के कैराना रोड स्थित होटल में शनिवार को हुई जिला ईंट निर्माता समिति की बैठक में दस नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन, संसद तक पैदल मार्च और घेराव को लेकर रणनीति तय की गई। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने ईंट भट्ठा मालिकों, मजदूरों से दस नवंबर को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि ईंट भट्ठों पर जीएसटी पांच प्रतिशत के स्थान पर 12 प्रतिशत कर दी गई। कंपोजिशन की दर एक प्रतिशत के स्थान पर छह प्रतिशत की गई है। कोयले की कीमतें दस हजार प्रति टन से बढ़कर 25 हजार रुपये प्रति टन हो जाने से ईंट भट्ठा उद्योग पर संकट के बादल छाए हैं।
उन्होंने बताया कि ईंट भट्ठों के श्रम कानून सरल कानून बनाने, जीएसटी की दरें कम करने, कोयले के रेट सामान्य करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया ब्रिक्स एंड टाइल्स संघ और उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति दस नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दिन रामलीला मैदान से पैदल मार्च निकालकर सांसद का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि भट्ठों पर ईंटों का स्टॉक खत्म हो गया है। ईंट भट्ठों पर पूरे साल हड़ताल रहेगी। इस मौके पर शामली ईंट निर्माता समिति के जिला महामंत्री सुनील गोयल, उपाध्यक्ष कृष्णकुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र सिंह, नीरज बालियान, सतेंद्र मलिक, धर्मेंद्र मलिक, रोहताश सिंह, वेदपाल सिंह, वीरेंद्र फौजी, ब्रजपाल सिंह, आशीष, मांगेराम, हाजी गुलजार, नवाब अली, अजय कुमार, मनोज, संदीप, रामकुमार, सतवीर, सतीश, संजय कुमार, वाहिद राणा आदि मौजूद रहे।