शामली। 1 से सात अगस्त तक स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। स्तनपान न सिर्फ महिलाओं बल्कि नवजात के लिए भी अमृत के समान है। स्तनपान कराने से मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहते है।
पहले शहरी क्षेत्र में कामकाजी और संपन्न परिवारों की महिलाएं बच्चे को स्तनपान कराने से बचती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। इस मामले में जागरूकता आई है, जिससे स्तनपान न कराने की भ्रांति दूर होती जा रही है।
जिला अस्पताल की महिला चिकित्सक डाॅ. सानिया मिर्जा के अनुसार स्तनपान कराना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए लाभदायक है। बच्चे को जन्म के आधा घंटे से एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाना शुरू कर देना चाहिए। यह बच्चे के लिए सर्वोत्तम आहार है। इससे बच्चे के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। महिलाओं को इसके लिए जागरूक किया जाता है।
शहरों और गांवों में आशा, एएनएम, स्टाफ नर्स, आंगनबाड़ी और संगिनी आदि के द्वारा महिलाओं को स्तनपान के लिए जागरूक किया जाता है। स्तनपान से नवजात की मृत्युदर में भी कमी आती है।