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Shamli News: सीमावर्ती किसानों को जल्द ही सीमा विवाद के हल की उम्मीद जगी

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कैराना (शामली)। दशकों से चले आ रहे हरियाणा यूपी सीमा विवाद के समाधान के लिए पिलर लगाने से पहले मिट्टी की जांच कराई जाएगी। प्रशासन जल्द ही मिट्टी की जांच शुरू कराएगा, जिसके बाद पिलर लगाए जाएंगे और सीमा विवाद का हल हो सकेगा।
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हरियाणा-यूपी के मध्य बह रही यमुना बार-बार अपनी धारा बदलती है जिस कारण यूपी के किसानों की भूमि हरियाणा और हरियाणा की भूमि यूपी में आ जाती है। सीमावर्ती भूमि के कब्जे को लेकर कई बार सीमा पर खूनी संघर्ष हो चुके हैं। सीमा विवाद के समाधान के लिए वर्षों से सीमा पर पिलर लगाए जाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन पिलर नहीं लग सके थे।
तीन दिन पहले मेरठ में कमिश्नर स्तर पर हुई दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक के बाद सीमा विवाद का हल होता दिख रहा है। एसडीएम स्वप्निल यादव ने बताया कि हरियाणा यूपी की सीमा 342 किलोमीटर लंबी है। जिसमें यूपी की साइड पिलर लगाने हैं। यूपी प्रशासन अपने खर्च पर करीब 1200 पिलर लगाएगा। पिलर बनाने के लिए रुड़की की एक कंपनी से वार्ता की गई थी, लेकिन पिलर बनाने से पहले उन्होंने मिट्टी की जांच कराने को कहा है। मिट्टी के आधार पर पिलर की ऊंचाई व मोटाई बनाई जा सके, ताकि पिलर नहीं गिरें। इसके लिए जल्द ही जिले के 16 राजस्व गांवों से लगती सीमा की मिट्टी की जांच शुरू कराई जाएगी।
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- यह है हरियाणा-यूपी सीमा विवाद

हरियाणा यूपी के मध्य बहती यमुना नदी सीमा का निर्धारण करती है। यमुना की धारा बदलने के कारण यूपी के किसानों की जमीन हरियाणा की ओर व हरियाणा के किसानों की जमीन यूपी की ओर आ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए 1974 में दीक्षित आयोग का गठन किया गया है। जिसमें हरियाणा यूपी के अलावा केंद्र सरकार के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था।
दीक्षित आयोग ने तय किया था कि यमुना की मध्य धारा को दोनों प्रदेशों की सीमा माना जाए। उस समय सीमांकन के बाद पिलर लगाए गए थे, लेकिन समय के साथ ही पिलर नष्ट हो गए। साथ ही, हरियाणा के किसानों की यमुना पार यूपी में आई जमीन का राजस्व रिकाॅर्ड यूपी प्रशासन ने अपने यहां दर्ज कर लिया, लेकिन हरियाणा प्रशासन ने यमुना पार गई यूपी के किसानों की जमीन का रिकाॅर्ड अपने सिजरे में दर्ज नहीं किया। जिस कारण हजारों बीघा जमीन पर को लेकर सीमा पर विवाद बना रहता है। उच्च स्तर पर प्रशासन की नई पहल के बाद सीमावर्ती किसानों को विवाद के हल की उम्मीद जगी है।
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