जलालाबाद। गोभी की फसल में झुलसा रोग लग गया है। जिसके कारण गोभी की पैदावार कम होने और फूल छोटा होने का खतरा पैदा हो गया है। कृषि वैज्ञानिक बचाव के टिप्स दे रहे हैं।
जलालाबाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पत्ता व फूल गोभी की खेती की जाती है। जलालाबाद क्षेत्र से गोभी दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड की मंडियों तक जाती है। पिछले कुछ दिनों में कई बार लगातार हुई बरसात से गोभी की फसल पर गहरा असर पड़ा है। फसलों को झुलसा रोग ने चपेट में ले लिया है जिसमें गोभी की खेती में फूल आने से पहले ही पत्तियां ऐंठकर सूखने लगी है। फसलें बर्बाद होने के कारण किसान परेशान हैं। बारिश के कारण फूल गोभी, पत्तागोभी पर तना सड़ने की शिकायतें मिल रही हैं।
पौधे की जड़ पर गलन शुरू होने से फूलगोभी व पत्ता गोभी आकार नहीं ले पा रही हैं। धीरे-धीरे यह पौधे मुरझाकर सूख रहे हैं।
बोले किसान....
किसान सचिन सैनी ने बताया की 10 बीघा में फूल गोभी की फसल लगा रखी है परंतु फसल में रोग आ जाने के कारण फसल के कम पैदावार होने की आशंका लग रही है जिससे हमें काफी नुकसान होगा।
किसान राकेश सैनी ने बताया कि उसने 15 बीघा गोभी की फसल की बुआई की है जिसमे पहले बारिश और फिर एक दम से तेज धूप पड़ने से गोभी की फसल में झुलसा का रोग आ गया है।
किसान अभिषेक सैनी ने बताया कि 8 बीघा गोभी की फसल की बुआई की है। अब फसल में रोग आने से गोभी की फसल घाटे का सौदा साबित हो रही है।
खेत में जलभराव नहीं होने दें
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. संदीप चौधरी के अनुसार किसान इसकी रोकथाम के लिए एक किग्रा वाविस्टीन अथवा दो से ढाई किग्रा डाथेन एम-45 या डाइथेन जेड-78 प्रति हेक्टेयर की दर से 1000 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इससे जमीन तर हो जाएगी और फूलगोभी व पत्ता गोभी की फसल को फायदा मिलेगा। ऐसे में खेत में जलभराव कतई न होने दें।