शामली। ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिले के कई गांवों में नाला निर्माण, सीसी सड़क, खड़ंजा, सफाई और हैंडपंप रिबोर जैसे विकास कार्यों के भुगतान से जुड़े बिल और बाउचर की जगह ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर धुंधले दस्तावेज, कोरे कागज और मजदूरों की उपस्थिति पत्रक तक अपलोड कर दिए गए हैं। जिले के विभिन्न ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड की पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस पूरे प्रकरण ने पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
युसुफपुर में बाउचर की जगह अपलोड कर दी मजदूरों की अटेंडेंस
युसुफपुर गांव में नाली की दीवार निर्माण कार्य पर 72,259 रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। लेकिन भुगतान के समर्थन में बिल या बाउचर के बजाय मजदूरों की उपस्थिति पत्रक पोर्टल पर अपलोड कर दी गई। इतना ही नहीं, दरबार सिंह के डेरे से कश्मीर सिंह के मकान तक खड़ंजा निर्माण कार्य पर 77,885 रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि बिल-बाउचर के नाम पर कोरा कागज अपलोड मिला।
बिडौली में धुंधले दस्तावेजों के सहारे लाखों रुपये का भुगतान
बिडौली गांव में तालाब के पास सीसी निर्माण कार्य पर 1.21 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च दिखाई गई है। लेकिन संबंधित बिल इतने धुंधले अपलोड किए गए हैं कि उनमें किसी प्रकार का विवरण पढ़ा नहीं जा सकता। इसी तरह सफाई कार्य पर 24,225 रुपये खर्च दिखाए गए, जहां भी स्पष्ट बिलों के बजाय धुंधले दस्तावेज और मजदूरों की अटेंडेंस अपलोड की गई।
काबड़ौत में सड़क और हैंडपंप कार्यों के रिकॉर्ड पर सवाल
काबड़ौत गांव में मोहर सिंह के मकान से विनोद के मकान तक सीसी सड़क निर्माण और हैंडपंप रिबोर कार्य पर 1.22 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च दर्शाई गई है। लेकिन इन कार्यों के बिल और बाउचर भी अस्पष्ट रूप से अपलोड किए गए हैं, जिससे उनके सत्यापन में कठिनाई हो रही है।
क्या है ई-ग्राम स्वराज पोर्टल?
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों, योजनाओं, बजट, भुगतान और खर्च से जुड़ी सभी जानकारियों को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाना है। इस पोर्टल पर ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव, स्वीकृति, भुगतान विवरण, बिल, बाउचर, मस्टर रोल और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होता है। इससे आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी विकास कार्यों की प्रगति और खर्च की निगरानी कर सकते हैं।
विकास कार्यों के नाम पर धुंधले और कोरे बिल अपलोड किए जाने का मामला गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
— संदीप अग्रवाल, डीपीआरओ
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर धुंधले और कोरे बिल अपलोड किए जाने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। इस संबंध में डीपीआरओ से भी जवाब-तलब किया जाएगा।
— आलोक यादव, जिलाधिकारी, शामली
ई स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया गया कोरा कागज