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भाकियू ने हुंकार भरी

Tue, 27 Mar 2018 11:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं की लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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शामली में भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के साथ मंगलवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसानों ने दस साल पुराने डीजल संचालित ट्रैक्टरों को कलक्ट्रेट में लाकर खड़ा कर दिया और धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर हुई सभा में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि पुराने ट्रैक्टरों को बंद करने से किसानों की कमर टूट जाएगी। इस निर्णय का विरोध करने के लिए किसानों के पास आंदोलन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। डीएम को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपकर मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। मंगलवार को कलक्ट्रेट में धरनास्थल पर आयोजित सभा में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि कृषि उपयोगी वाहन ट्रैक्टर के साथ ही पंप सेट और डीजल इंजन को एनजीटी के आदेशों से मुक्त कराया जाए। बिल में लगने वाली पेनल्टी माफ नहीं गई, और बिजली की दरें बढ़ा दी गई, जिससे किसानों की कमर ही टूट गई है। चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। गन्ने की पर्चियां नहीं मिल रही है। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार हो रहा है और विद्युत निगम द्वारा किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। बिजली की दरें बढ़ने के कारण ही 1987 में खेड़ीकरमू बिजलीघर से बड़ा आंदोलन हुआ था। यदि सरकार ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया, तो फिर से किसान एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, जिलाध्यक्ष जावेद तोमर, थांबेदार राजवीर सिंह ने आठ सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को सौंपा। पीएम के नाम संबोधित ज्ञापन में 10 साल पुराने डीजल के वाहनों पर रोक संबंधी एनजीटी के आदेश से ट्रैक्टर, पंप सेट और कृषि उपयोगी डीजल इंजन को अलग करने, गेहूं की उत्पादन लागत को देखते हुए मध्य प्रदेश की तर्ज पर किसानों को 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिलाने, गेहूं की शत प्रतिशत खरीद कराने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज सहित अविलंब कराने, खेत में खडे़ गन्ने की पर्ची जारी किए जाने, किसानों को खरीफ की फसल का ऋण वितरण एक अप्रैल से 31 अगस्त तक और रबी का ऋण एक सितंबर से 31 मार्च तक एक साथ दिए जाने, बढ़ी हुई बिजली दरें वापस कराने की मांग की गई। इसके अलावा सामान्य योजना के तहत नलकूप कनेक्शन पर मिलने वाली सब्सिडी में बढ़ोतरी कराने, चौगामा नहर परियोजना और बुंदेलखंड पंचनंदा बांध परियोजना को पूरा कर किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। बुंदेलखंड के किसानों को आत्महत्या करने और पलायन से रोकने के लिए सभी प्रकार के ऋण माफ कराने की मांग भी की गई। देश में कारपोरेट फार्मिंग की स्वीकृति नहीं दी जानी चाहिए। मौके पर मास्टर जाहिद, सतपाल पहलवान, ओमवीर पटवारी, भाकियू युवा जिलाध्यक्ष पप्पू मलिक कुड़ाना, विनोद निर्वाल, कुलदीप पंवार, बोबी चूनसा, उपेंद्र, ब्रह्म सिंह, जसवीर, ईश्वर फौजी, अजयवीर त्यागी, कालू प्रधान समेत सैकड़ों भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने बरती चौकसी कलक्ट्रेट में भाकियू के धरना प्रदर्शन को लेकर पुलिस भी अलर्ट रही। अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा, सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह, सीओ कैराना राजेश कुमार तिवारी, आदर्श मंडी थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा सहित कई थानों की पुुलिस मौके पर मौजूद रही।
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