शामली। अपनी पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में भाकियू कार्यकर्ताओं का कलक्ट्रेट में पांचवें दिन भी बेमियादी धरना जारी रहा। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगे पूरी नहीं होने तक प्रदेश व्यापी बेमियादी धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने डीएम से मिलकर बिजली अधिकारियों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
बुधवार को धरना पर जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कहा कि किसान बरबादी के कगार पर खड़ा है, उनकी फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। पिछले साल का गन्ना पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी किसानों का बकाया भुगतान नहीं मिल पाया है। गन्ने का नया पेराई सत्र जारी है, अभी तक जिले के चीनी मिल मालिकान नए पेराई सत्र का भुगतान नहीं कर रहे है और न ही गन्ने का मूल्य घोषित किया है।
वक्ताओं ने वर्ष 2016-17 पेराई सत्र में गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने, पिछले वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तुरंत कराए जाने, बिजली विभाग द्वारा किसानों पर बकाया बिलों को लेकर दर्ज हुई एफआईआर को तुरंत वापस लेने के साथ ही सम्मन शुल्क की वसूली बंद किए जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी बिजली की दरें तुरंत वापस लिए जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई जाने कर मांग की।
कलक्ट्रेट में बेमियादी धरने में जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष देशपाल सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद निर्वाल, मंडल महा सचिव विवेक कालखंडे, प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, जिला उपाध्यक्ष ओमवीर पटवारी, जिला सचिव कपिल खाटियान, पुष्पेंद्र निर्वाल, धीरज चौधरी, शहजाद लुहारी बैठे थे। धरने की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष देशपाल सिंह और संचालन जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने की। बनत के कुलदीप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम ओपी वर्मा से मिलकर बिजली अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।