शामली। रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की सरकार ने किसान, मजदूर, व्यापारी को बर्बाद कर दिया। उत्तर प्रदेश का चुनाव सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी को दिल्ली से विदा करने के लिए है। बृहस्पतिवार को शामली में भैंसवाल रोड स्थित जनसभा में रालोद मुखिया ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने जो वादे किए थे, एक भी पूरा नहीं हुआ। किसानों को लागत से ज्यादा दाम नहीं मिला, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की गई।
केंद्र सरकार के मंत्री वादों को जुमला बताते हैं। जनसभाओं में नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि कालाधन लाकर हर भारतवासी के खाते में 15-15 लाख पहुंच जाएंगे, मगर जनता अपना ही पैसा बैंक से नहीं निकाल पा रही है। अच्छे दिन लाने का वादा किया था, लेकिन जनता के नहीं, बल्कि अपने अच्छे दिन ले आए। नरेंद्र मोदी सपना दिखाते हैं, मगर सपनों को जमीन पर लाने की कोई योजना नहीं है। एक सपना फेल हो जाए, तो दूसरा सपना दिखाते हैं। किसान, युवकों और महिलाओं के लिए कोई योजना नहीं है।
भाषण से पेट भरना हो, तो नरेंद्र मोदी से अच्छा प्रधानमंत्री नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। सहारनपुर की जनसभा में प्रधानमंत्री कहते हैं कि 700 करोड़ रुपये किसानों का गन्ना मूल्य दिला दिया, जबकि बकाया छह हजार करोड़ रुपये था। कल बागपत की रैली में भाजपा अध्यक्ष कहते हैं कि हम किसानों को 14 दिन में गन्ने का दाम दिलाएंगे यदि मिल मालिकों ने भुगतान नहीं किया, तो किसानों को ब्याज दिलाएंगे, जबकि यह कानून पहले से प्रदेश में लागू है।
सपा पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भी गन्ना मूल्य और उसका ब्याज दिलाने में बेईमानी कर दी, मिल मालिकों का 1200 करोड़ रुपये माफ कर दिया। हमारी सरकार आई, तो मिल मालिकों से 1200 करोड़ रुपये किसानों को दिलाया जाएगा। धान का दाम भी किसानों को नहीं मिला। गेहूं की बंपर पैदावार की बात केंद्र के मंत्री करते हैं, लेकिन विदेश से गेहूं आयात पर शुल्क हटा दिया, जिससे यहां के किसानों का गेहूं नहीं बिक पाएगा। फिर नोटबंदी पर कहा कि केंद्र के मंत्री कहते हैं कि प्रधानमंत्री की 56 इंच की छाती है, इसलिए नोटबंदी का बिल ले आए।
यहां की जनता 56 नहीं, बल्कि 64 इंच की छाती से भी घबराने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण किसानों को बीज, खाद लेने में दिक्कत आई। सब्जी उत्पादक किसान बर्बाद हो गया। लाखों परिवारों में शादी के लिए पैसा तक नहीं मिल पाया। हजारों व्यापारियों का उद्योग खत्म हो गया। लोग बेरोजगार हो गए, मगर मोदीजी अभी भी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं। सपा पर हमला करते हुए पांच साल पूर्व अखिलेश यादव ने भी युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया था, मगर घोषणा पत्र झूठे साबित हुए। आयोजित जनसभा में इनसे पहले पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, बलबीर सिंह मलिक, बाबा श्याम सिंह, सूरजमल, संजय कालखंडे, जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड और बिजेंद्र मलिक आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंच संचालन योगेंद्र चेयरमैन ने किया।