तहसील में अफसरों के न मिलने समेत किसानों की कई समस्याओं को भाकियू (अराजनीतिक) लामबंद
-जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
सरधना।
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) जिंदाबाद के कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। बाद में किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
भाकियू कार्यकर्ता शनिवार को जिला अध्यक्ष सुभाष चंद के नेतृत्व में तहसील पहुंचे। किसानों ने कहा कि तहसील में अधिकारियों के बैठने का कोई निर्धारित समय नहीं है। वह अक्सर दफ्तर में नहीं मिलते जिससे फरियादियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने जनसुनवाई के लिए अधिकारियों का समय निर्धारित करने की मांग उठाई। आरोप लगाया कि कंप्यूटराइज्ड खतौनी समय पर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें किसान परेशान होकर भटकते रहते हैं। उन्होंने सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खतौनी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि भूमि अभिलेखों में अंश और नाम संबंधी त्रुटियों के कारण किसानों को राजस्व कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। इसके समाधान के लिए राजस्व विभाग की टीमों को गांव-गांव जाकर शिकायतों का निस्तारण करना चाहिए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा।
खाद के साथ सामान लेने का दबाव बना रहे विक्रेता
ज्ञापन में खाद की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों का कहना था कि सहकारी समितियों और गन्ना समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कुछ निजी विक्रेताओं पर खाद के साथ अन्य सामान खरीदने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। कहा कि निजी विक्रेता खाद के साथ अन्य सामान लेने की शर्त रखते हैं यदि किसान मना करता है तो उसे खाद नहीं दी जाती। ऐसे विक्रेताओं पर कार्रवाई की मांग की गई। गांवों में खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग उठाई।