ज्ञापन में भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना काल के दोनों सालो में देश की जीडीपी में गिरावट आई है। किसानों की खेती पर बढ़ता खर्च और फसलों के वाजिब दाम न मिलने से किसान कर्ज में दबता जा रहा है। किसान अपनी भूमि को गिरवी रखकर बैंको से कर्ज ले रहा है। किसानों को मुफ्त सिचाई की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक पूरी नहीं हुई है। निजी नलकूपों पर मीटर लगाने का विरोध करते तत्काल प्रभाव से रोके जाने, नए गन्ना पेराई सत्र में 500 रुपये प्रति गन्ना भाव घोषित करने, गन्ना भुगतान डिजिटल करने और बकाया गन्ना भुगतान जल्द किए जाने की मांग उठाई।
जमकर की नारेबाजी
भाकियू एनसीआर के महासचिव कपिल खाटियान अपने समर्थकों के साथ भैसवाल रोड स्थित शामली गुड मंडी स्थल पर इकट्ठा हुए। यहां से धीमान पुरा रेलवे फाटक से होकर शामली कलक्ट्रेट में नारे बाजी करते पहुंचे। उनके साथ शौकेंद्र, देवराज पहलवाल भैसवाल, आाशीष चौधरी, बिटटू, लोकेंद्र सिह, अवनीश अमरीश, गडडू बनत, गडडू चौधरी, राजन जावला, सतपाल पहलवान शामिल रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष कालेंद्र मलिक के साथ बहावडी थांबेदार श्याम सिंह, लांक थांबेदार रविंद्र सिंह, डाॅ. उदयवीर सिंह, राजू ठाकुर, गौतम पंवार, ऋषिपाल लंबरदार, सरदार पाले सिंह, विदेश मलिक, योगेंद्र पंवार, कविता चौधरी, अजयवीर त्यागी, ईश्वर फौजी आदि रहे।